हरिद्वार: रुड़की क्षेत्र में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब रविदास शोभायात्रा के भंडारे के दौरान दो गुटों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में हुई इस घटना में गोलीबारी और मारपीट के चलते दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार को बिनारसी गांव में रविदास शोभायात्रा निकाली गई थी, जिसका समापन मंदिर परिसर में हुआ। इसके बाद मंदिर के पास भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। शाम करीब पांच बजे भंडारे के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान युवकों के दो गुटों में पुरानी रंजिश को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई।विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान एक पक्ष के आनंद (28), निवासी बिनारसी, के सीने में गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोलीबारी में छर्रे लगने से विकास, गगन और योगेंद्र घायल हो गए, जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया, लेकिन मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया। परिजनों ने सड़क पर शव रखकर धरना दिया और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर देर शाम शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
इधर, देर रात गांव के ही एक खेत में दूसरे पक्ष के मांगेराम (45) का शव मिलने से हालात और बिगड़ गए। मांगेराम के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं, जिससे पीट-पीटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। दो लोगों की हत्या के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने कुछ घरों और वाहनों में तोड़फोड़ की और आगजनी का प्रयास भी किया। बताया जा रहा है कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घरों के बाहर खड़े करीब दस दोपहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि गांव में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। झबरेड़ा, रुड़की, कलियर, भगवानपुर समेत आसपास के थानों और कोतवालियों की पुलिस को गांव में भेजा गया है। गांव के मुख्य चौक-चौराहों, घटनास्थल और पीड़ित परिवारों के घरों के आसपास पुलिस डेरा डाले हुए है। साथ ही खुफिया विभाग भी गांव की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह या अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
