भोपाल में किसानों की हुंकार : एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित 11 मांगों पर अड़े किसान
भोपाल: मध्यप्रदेश में किसान हितों के लिए सक्रिय संयुक्त किसान मोर्चा ने आज मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रदेशभर में चल रहे किसान आंदोलन ‘भाव दो, खाद दो’ के तहत दिया गया। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख किसान नेता डॉ. सुनीलम (किसान संघर्ष समिति), अनिल यादव (भारतीय किसान यूनियन), इरफान जाफरी (किसान जागृति संगठन), बाबूसिंह राजपूत (क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन), विजय कुमार (अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा) और अन्य किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ज्ञापन में किसानों की मांगें
ज्ञापन में किसानों ने कई अहम मांगें रखी हैं, जिनमें भावांतर योजना को समाप्त कर एमएसपी की कानूनी गारंटी देना, अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल नुकसान का तुरंत निपटान करना, नकली खाद और बीज के कालाबाजारी अड्डों के खिलाफ कार्रवाई करना और दोषी अधिकारियों व व्यापारियों को दंडित करना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने लैंड पूलिंग नीति और स्मार्ट मीटर योजना को रद्द करने, सिंचाई के लिए दिन में कम से कम 12 घंटे बिजली सुनिश्चित करने, आत्महत्या करने वाले किसान परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने और बिल्डरों द्वारा किसानों के साथ धोखाधड़ी करने पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है।
चेतावनी और आगे की कार्रवाई
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं करती है, तो 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन अडिग रहेगा और किसानों के अधिकारों और आर्थिक सुरक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।
