बरेली: यूपी के बरेली में कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया लाल गुलाटी और उनके साथियों पर 800 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में बरेली समेत कई जिलों और राज्यों में कुल 40 FIR दर्ज की हैं। इसके तहत गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत सम्पत्ति जब्तीकरण और हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कन्हैया लाल गुलाटी के खिलाफ FIR
कन्हैया लाल गुलाटी, जो कैनविज इंडस्ट्रीज लिमिटेड का सीईओ हैं,उसके खिलाफ FIR बरेली में 34, शाहजहाँपुर में 2, अयोध्या में 1, कासगंज में 1, बिहार (बेरोह) में 1 और झारखंड (रांची) में 1 दर्ज की गई हैं। कुल मिलाकर 40 FIR विभिन्न थानों में दर्ज हैं, और पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
अन्य आरोपियों पर भी जांच जारी
कैनविज इंडस्ट्रीज से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी जांच जारी है। इसमें यासीन के खिलाफ 1 FIR और आशीष महाजन के खिलाफ 10 FIR (9 बारादरी, 1 प्रेमनगर) दर्ज हैं। सभी मामलों में गहन विवेचना चल रही है।
निवेशकों का बड़ा नुकसान
पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने बीस महीने में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेशक से पैसे जुटाए। किला छावनी निवासी मनोज कुमार गुप्ता ने किला थाने में कन्हैया लाल गुलाटी समेत नौ लोगों के खिलाफ 13 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। कुछ निवेशकों ने लोन लेकर और मकान बेचकर भी पैसे लगाए। प्रारंभिक दो महीनों तक मुनाफा दिया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया और आरोपी लापता हो गए।
सपा नेता भी ठगी का शिकार
ठगी का जाल केवल आम निवेशकों तक सीमित नहीं रहा। समाजवादी पार्टी के नेता भी इसके शिकार हुए हैं। सपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के विशाल अग्रवाल और अन्य नेताओं ने भी एसएसपी बरेली से शिकायत की। आरोप है कि उन्हें भरोसा दिलाकर पैसा लगाया गया और बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और निर्देश
डीआईजी बरेली के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ सम्पत्ति जब्तीकरण, गैंगस्टर पंजीकरण और हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई जारी है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
