नई दिल्ली : सरकार ने शुक्रवार को बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लागू करने की घोषणा की। अब देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) में शीर्ष प्रबंधन पदों पर निजी क्षेत्र के उम्मीदवारों की नियुक्ति संभव होगी।
नई नीति के अनुसार, एसबीआई में चार प्रबंध निदेशक (MD) पदों में से एक पद निजी क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होगा। इससे पहले ये पद केवल बैंक के आंतरिक कर्मचारियों के लिए खुले थे। इसके अलावा, निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों के अनुभवी पेशेवर कार्यकारी निदेशक (ED) के पदों के लिए भी चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
कौन-कौन से बैंक शामिल हैं
एसबीआई के अलावा यह नीति पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया सहित 11 सरकारी बैंकों में लागू होगी।
पदों के लिए पात्रता
MD पद के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 21 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, जिसमें 15 वर्ष बैंकिंग का अनुभव और बोर्ड स्तर पर 2 वर्ष का अनुभव शामिल हो।
ED पद के लिए कम से कम 18 वर्ष का अनुभव आवश्यक है, जिसमें बैंकिंग में 12 वर्ष का अनुभव और बोर्ड स्तर से नीचे उच्चतम स्तर पर 3 वर्ष का अनुभव शामिल हो।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि SBI में MD का पहला पद नई नीति लागू होते ही रिक्त माना जाएगा, और आगे आने वाली रिक्तियों को सार्वजनिक क्षेत्र के पात्र उम्मीदवारों से भरा जाएगा।
नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में प्रतिभाशाली और अनुभवी उम्मीदवारों को अधिक अवसर देना, प्रबंधन में विविधता लाना और निजी क्षेत्र के अनुभव को सार्वजनिक बैंकों में शामिल करना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय से सार्वजनिक बैंकों में प्रबंधन की गुणवत्ता बढ़ेगी, और देश के वित्तीय क्षेत्र में नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
