बरेली: कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोनों मामलों में अदालत ने साफ संदेश दिया कि बच्चों के खिलाफ अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और दोषियों को कड़ी सजा भुगतनी होगी।
पड़ोसी ने नाबालिग को अगवा कर किया दुष्कर्म
पहला मामला थाना बारादरी क्षेत्र का है। पीड़िता की मां के अनुसार 14 मई 2015 की रात वह छत पर सो रही थीं, जबकि उनकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी नीचे कमरे में थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला प्रदीप कुमार घर के बाहर आवाज देकर बच्ची को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में थाना बारादरी में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 8 गवाह पेश किए। कोर्ट ने आरोपी प्रदीप कुमार को दोषी मानते हुए अपहरण, बहलाकर ले जाने और पॉक्सो एक्ट के तहत कुल 20 साल के कठोर कारावास सहित अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माना सुनाया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
शौच के बहाने ले जाकर सौंप दिया आरोपी को
दूसरा मामला थाना भुता क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़िता की मां ने बताया कि 28 अगस्त 2015 की शाम पड़ोस में रहने वाली एक महिला उनकी नाबालिग बेटी को शौच के बहाने अपने साथ ले गई और बाद में उसे अपने बेटे सोनू उर्फ अमित के साथ कहीं भेज दिया। जब परिवार ने बच्ची के बारे में पूछा तो आरोपियों ने गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में थाना भुता में मुकदमा दर्ज हुआ और सुनवाई के दौरान 6 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने आरोपी सोनू उर्फ अमित को दोषी ठहराते हुए अपहरण के मामले में 3 साल की सजा और जुर्माना सुनाया। हालांकि, अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उसके माता-पिता को दोषमुक्त कर दिया।
