मढ़ीनाथ शिव मंदिर से शुरू हुई पदयात्रा, 84 घंटा मंदिर होते हुए ग्लोरियस बैंक्वेट हॉल पहुंचकर संपन्न, महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने लिया हिस्सा
बरेली : विश्व शांति दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को राजविद्या केंद्र बरेली के तत्वावधान में शांति पदयात्रा निकाली गई। मढ़ीनाथ शिव मंदिर से शुरू हुई यह पदयात्रा 84 घंटा मंदिर होते हुए ग्लोरियस बैंक्वेट हॉल पहुंचकर संपन्न हुई। पदयात्रा में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों समेत सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और शांति एवं मानवता का संदेश लोगों तक पहुंचाया। पदयात्रा के दौरान शामिल लोग अनुशासन के साथ हाथों में शांति और आत्मबोध से जुड़े संदेशों वाले बैनर लेकर चल रहे थे। बैनरों पर “शांति अपने अंदर है” और “अपने आप को जानो” जैसे संदेश लिखे हुए थे। पदयात्रा के माध्यम से लोगों को आपसी सद्भाव, मानवता और शांति के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। आयोजकों के मुताबिक,कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय शांति वक्ता प्रेम रावत के शांति और मानवता से जुड़े संदेश को लोगों तक पहुंचाया गया। उनके संदेश के अनुसार शांति प्रत्येक मनुष्य के भीतर मौजूद है और व्यक्ति जब अपने भीतर की शांति का अनुभव करता है, तो वह मानवता के हित में बेहतर कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसी विचार को आम लोगों तक पहुंचाने और समाज में शांति एवं मानवता के वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पदयात्रा का आयोजन किया गया।
मानवता का दिया संदेश
पदयात्रा में शामिल लोगों ने रास्ते भर शांति और मानवता का संदेश दिया। आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता देखने को मिली। महिलाओं और बच्चों के साथ पुरुषों ने भी पदयात्रा में हिस्सा लेकर शांति के संदेश को आगे बढ़ाया। पदयात्रा का नेतृत्व रामसरन गुप्ता, रमेश श्रीवास्तव, मनोज गुप्ता, राकेश वर्मा, अतुल यादव, जितेंद्र सिंह, सौरभ गुप्ता, विश्वजीत सिंह, बिपिन कुमार, प्रीति गुप्ता और किरन गुप्ता आदि ने किया। कार्यक्रम में राजविद्या केंद्र बरेली की पूरी टीम ने सहभागिता की और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
मानवता के मूल्यों को मजबूत करने पर बल
आयोजकों ने कहा कि शांति केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण है। लोगों को अपने भीतर शांति का अनुभव करने, एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखने और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान रामसरन गुप्ता, आरके वर्मा और प्रीति गुप्ता ने अपने विचार साझा किए। इनकी बाइट के माध्यम से पदयात्रा के उद्देश्य और शांति एवं मानवता के संदेश को सामने रखा जाएगा। विश्व शांति दिवस के अवसर पर आयोजित इस पदयात्रा के जरिए राजविद्या केंद्र बरेली की ओर से लोगों के बीच शांति, आत्मबोध और मानवता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया। सैकड़ों लोगों की सहभागिता के साथ पदयात्रा का समापन ग्लोरियस बैंक्वेट हॉल में हुआ।
