बरेली में जनगणना के द्वितीय चरण को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, डीएम अविनाश सिंह ने फ्यूचर यूनिवर्सिटी पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा,एक दिसंबर से चार जनवरी तक होगी जनसंख्या गणना
बरेली : जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर बरेली में प्रशासन ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। जिले में प्रगणकों, सुपरवाइजरों, अधिकारियों, कर्मचारियों और पंचायत सहायकों को जनगणना की प्रक्रिया और उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गुरुवार को डीएम अविनाश सिंह ने फ्यूचर यूनिवर्सिटी पहुंचकर प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कार्मिकों को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि जनगणना के दौरान निर्धारित 40 प्रश्न ही पूछे जाएं और किसी भी व्यक्ति से किसी प्रकार के दस्तावेज या प्रमाण की मांग न की जाए।
16 नवंबर से 30 नवंबर तक स्व-गणना

प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत स्व-गणना की अवधि 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक निर्धारित की गई है।इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य कराया जाएगा। इसी क्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों और प्रशिक्षण केंद्रों पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि जनगणना की प्रक्रिया समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से पूरी हो सके।
डीएम ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर दिया जोर

डीएम अविनाश सिंह ने फ्यूचर यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षण कक्षों का निरीक्षण कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कार्मिकों से बातचीत की और प्रशिक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली।उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर देश और प्रदेश के विकास के लिए नीतियां एवं योजनाएं तैयार की जाती हैं।भविष्य की आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझने में भी इन आंकड़ों की अहम भूमिका होती है। इसलिए इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कार्मिकों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की शंका होने पर प्रशिक्षकों से उसका समाधान अवश्य प्राप्त करें, ताकि वास्तविक गणना के समय कोई परेशानी न हो।
जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल, दस्तावेज मांगने पर रोक
डीएम ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रगणकों और सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि जनगणना के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान निर्धारित 40 प्रश्न पूछे जाने हैं। कार्मिक इन प्रश्नों के माध्यम से ही संबंधित जानकारी प्राप्त करें और किसी भी व्यक्ति से दस्तावेज या प्रमाण मांगने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना का कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कोई भी कार्मिक अपनी ड्यूटी से बचने या उसे कटवाने का प्रयास न करे। सभी को सकारात्मक दृष्टिकोण और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निभाने होंगे।
प्रचार वाहन को हरी झंडी,नुक्कड़ नाटक और रंगोली से जागरूकता
निरीक्षण के बाद डीएम ने जनगणना के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय पढ़ेरा, फरीदपुर की शिक्षिकाओं ने जनगणना जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं की ओर से तैयार की गई जनगणना जागरूकता संबंधी रंगोली का भी डीएम ने अवलोकन किया। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जनगणना में सक्रिय भागीदारी करने और सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया गया।
डायट फरीदपुर और भुता में भी हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), फरीदपुर में प्रशिक्षुओं को जनगणना के उद्देश्य, उपयोगिता, स्व-गणना की प्रक्रिया और नागरिकों की सहभागिता के महत्व की जानकारी दी गई। वहीं विकासखंड भुता में खंड विकास अधिकारी की उपस्थिति में ग्राम पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें जनगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं, सूचनाओं के संकलन, निर्धारित दायित्वों और समयबद्ध तरीके से त्रुटिरहित कार्य पूरा करने के बारे में बताया गया। कार्मिकों से पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की गई।
विकास योजनाओं के लिए अहम होंगे जनगणना के आंकड़े
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बताया गया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश और प्रदेश की विकास योजनाओं, नीतियों तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशासन ने आमजन से भी जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता करने और सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है। निरीक्षण के दौरान फ्यूचर यूनिवर्सिटी के चेयरमैन मुकेश गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, उपजिलाधिकारी फरीदपुर विदुषी सिंह सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
