किला स्थित फूटा दरवाजा झंडा शरीफ पर 22 से 25 सितंबर तक चलेगा सालाना उर्स-ए-मुबारक, महफिल-ए-मिलाद, मुशायरा, तकरीरी महफिल और महफिल-ए-समां का होगा आयोजन
बरेली : शहर के किला स्थित फूटा दरवाजा झंडा शरीफ पर पीराने पीर दस्तगीर हजरत गौस-ए-आजम का चार रोज़ा सालाना उर्स-ए-मुबारक 22 सितंबर से अकीदत और एहतराम के साथ शुरू होगा। उर्स का समापन 25 सितंबर को कुल शरीफ की रस्म अदायगी के साथ किया जाएगा। उर्स की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर हाजी शावेज हाशमी की सदारत में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें उर्स को सकुशल संपन्न कराने को लेकर विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उर्स कमेटी के सेक्रेटरी फराज मियां ने चारों दिनों के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 22 सितंबर को बाद नमाज-ए-फज्र कुरआन ख्वानी और गौसिया परचम कुशाई की रस्म अदा कर उर्स का आगाज किया जाएगा।
ईशा की नमाज के बाद महफिल-ए-मिलाद
इसके बाद रात में बाद नमाज-ए-इशा महफिल -ए- मिलाद का आयोजन होगा। इसमें अकीदतमंद बड़ी संख्या में शामिल होकर धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। उर्स के दूसरे दिन 23 सितंबर को फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी होगी। रात में बाद नमाज-ए-इशा शानदार मुशायरे की महफिल सजेगी। आयोजकों के मुताबिक मुशायरे में देश के जाने-माने शोअरा अपने कलाम पेश करेंगे। इस दौरान ‘सुरमा किंग’ मरहूम हाजी एम. हसीन हाशमी और सज्जादानशीन मरहूम मोहम्मद मियां साहब की मगफिरत के लिए खुसूसी दुआ भी की जाएगी। उर्स के तीसरे दिन 24 सितंबर को बाद नमाज-ए-इशा उलेमा-ए-किराम की तकरीरी महफिल आयोजित की जाएगी।इसके बाद देर रात 2:38 बजे हजरत शेख अब्दुल कादिर जिलानी बगदादी गौस-ए-आजम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ दुआ का आयोजन किया जाएगा।
दोपहर 2.38 बजे कुल शरीफ की रस्म
उर्स के आखिरी दिन 25 सितंबर को फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी होगी। इसके बाद सुबह से महफिल-ए-समां का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 2:38 बजे हजरत सय्यद मीर वतन रहमतुल्लाह अलैह के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके साथ ही चार रोज़ा सालाना उर्स-ए-मुबारक का समापन होगा। उर्स की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में पम्मी खां वारसी, अकलीम बेग अंजुम, सोहेल हाशमी, यावर अली खां बिट्टू, आसिम हुसैन कादरी, सोहेल शम्सी, सय्यद पप्पू जमील, अशरफ शम्सी, नावेद हाशमी, फरमान खान, अहमद खान टीटू, बब्बू, नादिर खान, मुन्ना अंसारी, शहशांह मियां, बब्बू नियाजी, ताहिर खान, फैजी खान, सय्यद काजिम अली, मुजाहिद इस्लाम, अरबाज खान, मुजम्मिल खान, इस्तेखार शम्सी, सलीम बेग, आसिफ शम्सी, फुरकान खान, चांद मियां, संजय सैनी, जावेद, जाहिद शम्सी, नदीम शम्सी और इमरान अंसारी समेत कई अकीदतमंद मौजूद रहे। सभी ने उर्स को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए अपनी जिम्मेदारियां संभालीं।
