पीस कमेटी की बैठक में कानून -व्यवस्था, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर बनी रणनीति, डीजे की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं,नई परंपरा और स्टंटबाजी पर सख्त रोक
बरेली: श्रावण मास की कांवड़ यात्रा और आगामी उर्स-ए-आला हजरत को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को पंडित राधेश्याम कथावाचक स्मृति भवन (जीआईसी ऑडिटोरियम) में डीएम अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य की संयुक्त अध्यक्षता में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उर्स कमेटी के सदस्य, कांवड़ यात्रा से जुड़े जत्थेदार,जनप्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों के साथ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, ट्रैफिक, साफ-सफाई और आपसी सौहार्द बनाए रखने को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
कांवड़ यात्रा मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश

बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने कई महत्वपूर्ण समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। रोडवेज के सामने पेड़ों में उलझे बिजली के तार, मोहनपुर रोड पर जलभराव, लाल फाटक पुल की सर्विस रोड पर गड्ढे, तपेश्वर नाथ मंदिर के सामने सड़क की खराब स्थिति और वनखंडी नाथ मंदिर मार्ग पर ट्रांसफार्मर हटाने की मांग उठाई गई। डीएम ने संबंधित विभागों को सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले यात्रा मार्गों पर गड्ढे भरने, लटकते बिजली के तार हटाने, रास्ते में पड़े ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने तथा नालों-नालियों की सफाई का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायत राज विभाग और एनएचएआई को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
नई परंपरा नहीं, डीजे की ऊंचाई की सीमा तय

डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी और सभी आयोजन पूर्व निर्धारित परंपरागत स्वरूप में ही होंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास के सोमवार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ेंगे, जबकि 7, 8 और 9 अगस्त को उर्स-ए-आला हजरत का आयोजन होगा। ऐसे में दोनों बड़े धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एसएसपी अनुराग आर्य बोले- कानून से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेंगे

एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि बैठकों में भाईचारे की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे जमीन पर भी उतारना होगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा के लिए पुलिस पूरी व्यवस्था करेगी, लेकिन समाज का सहयोग भी जरूरी है।उन्होंने निर्देश दिए कि डीजे और झांकी की कुल ऊंचाई वाहन सहित 12 फीट से अधिक नहीं होगी, कोई भी जुलूस परंपरागत मार्ग से हटकर नहीं निकलेगा और जत्थेदार यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित थाने को सूचना देंगे। डीजे पर ऐसे गीत नहीं बजाए जाएंगे जिनसे किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों।
हर जत्थे के साथ रहेगा पुलिस का नोडल अधिकारी
एसएसपी ने बताया कि अगले कुछ दिनों में पुलिस प्रत्येक गांव में जाकर कांवड़ यात्रा से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगी। हर जत्थे के साथ एक पुलिसकर्मी और एक इंस्पेक्टर को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। यात्रा मार्ग, शिविर, मंदिर और आने-जाने के रास्तों की लगातार निगरानी की जाएगी।उन्होंने कहा कि डिवाइडर के कट बंद किए जाएंगे, टूटे या जर्जर पेड़ों को हटाया जाएगा, खुले ट्रांसफार्मर और लटकते बिजली के तार ठीक कराए जाएंगे तथा सड़क पर स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
शिविरों में सीसीटीवी और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था

पुलिस ने कांवड़ शिविर संचालकों को भी कई अहम निर्देश दिए।शिविर सड़क के बाईं ओर लगाए जाएंगे और कांवड़ रखने के स्टैंड सड़क किनारे नहीं बनाए जाएंगे। प्रत्येक शिविर में फायर सेफ्टी के इंतजाम, स्वयंसेवकों के लिए पहचान पत्र, महिलाओं के लिए अलग शौचालय तथा सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। बाहर से बुलाए जाने वाले डीजे की सूचना पहले से संबंधित थाने को देनी होगी।
अफवाहों से बचने और सहयोग की अपील

बैठक के अंत में डीएम और एसएसपी ने सभी धर्मगुरुओं, उर्स कमेटी, कांवड़ समितियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गैर-परंपरागत गतिविधियों, माहौल बिगाड़ने की कोशिश और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा जताया कि जनसहयोग से उर्स-ए-आला हजरत और कांवड़ यात्रा दोनों आयोजन पूरी शांति, सौहार्द और सुरक्षा के साथ संपन्न होंगे।
