बरेली : 108वें उर्स-ए-आला हज़रत/ताजुश्शरिया की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। उर्स को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए गुरुवार को दरगाह आला हज़रत ताजुश्शरिया परिसर में वालंटियर्स की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उर्स प्रभारी सलमान हसन खान (सलमान मियां) और जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मियां) ने की। इसमें शहर और आसपास की विभिन्न शाखाओं से बड़ी संख्या में वालंटियर्स लीडर्स और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बैठक में उर्स की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और वालंटियर्स से सुझाव भी लिए गए। उर्स प्रभारी सलमान हसन खान ने कहा कि उर्स के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में ज़ायरीन बरेली पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी वालंटियर्स की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि वालंटियर्स पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं तथा ज़ायरीन की हर संभव मदद करें।
ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर संभालेंगे व्यवस्था

बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई। इसमें निर्णय लिया गया कि ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर वालंटियर्स की अलग-अलग टीमें कार्य करेंगी, ताकि दरगाह और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुचारु रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विशेष जोर दिया गया।
मेडिकल कैंप और भोजन व्यवस्था पर रहेगा खास फोकस
राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान ने बताया कि उर्स के दौरान विभिन्न कार्यों के लिए अलग -अलग टीमों का गठन किया जाएगा। मेडिकल कैंप बड़े स्तर पर लगाए जाएंगे, जिससे किसी भी ज़ायरीन को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल सहायता मिल सके। साथ ही खाद्य सामग्री की स्वच्छता, समयबद्ध वितरण और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि उद्देश्य यही है कि उर्स में आने वाले हर ज़ायरीन को बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो।
उर्स बरकतों का जरिया, अधिक से अधिक करें शिरकत
बैठक में सय्यद अजीमुद्दीन रज़वी ने उर्स-ए-रज़वी की फजीलत और मनाकिब बयान करते हुए कहा कि उर्स बरकतों के हासिल का जरिया है। उन्होंने मुरीदीन और अकीदतमंदों से अधिक से अधिक संख्या में उर्स में शिरकत करने और फातिहा का एहतिमाम करने की अपील की। साथ ही शहरवासियों से ज़ायरीन की बढ़-चढ़कर खिदमत करने का भी आह्वान किया। बैठक में मौलाना शम्स रज़ा, मौलाना ज़ैद पाशा, मोईन खान, डॉ. मेहंदी हसन, हाफिज इकराम, अब्दुल्लाह रज़ा खान, समरान खान, शैबुद्दीन रज़वी, कौसर अली, यासीन खान, अमन, फैजान रज़ा, फरहान रज़ा समेत जमात रज़ा-ए-मुस्तफा की विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी और वालंटियर्स मौजूद रहे।
