सीबीगंज और सिरौली में दीवार गिरने से दो महिलाओं और एक बच्चे ने तोड़ा दम, किला पुल, रामपुर रोड और मिनी बाईपास पर यातायात प्रभावित, पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित
बरेली: गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे से 10 बजे के बीच तेज आंधी और बारिश ने बरेली में जनजीवन प्रभावित कर दिया।जिले के अलग-अलग इलाकों में दीवारें गिरने से दो महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सीबीगंज के बल्लाकोठा गांव में 25 वर्षीय गणेशी की मौत हुई, जबकि सिरौली क्षेत्र के अंजनी गांव में दीवार गिरने से सुदामा देवी और एक बच्चे की जान चली गई। एक बच्ची रिया को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा किला ओवरब्रिज की रेलिंग भी टूट गिर गई है।
सीबीगंज के बल्लाकोठा में महिला की मौत
सीबीगंज थाना क्षेत्र के बल्लाकोठा गांव में तेज आंधी के दौरान मकान की दीवार अचानक गिर गई। मलबे में दबने से 25 वर्षीय गणेशी देवी की मौत हो गई। बताया गया कि वह पशुओं को चारा डालने गई थीं, तभी मौसम बिगड़ने के बीच दीवार भरभराकर गिर गई। परिजनों और ग्रामीणों ने मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गणेशी के पति कृष्ण पाल औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरी करते हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनके तीन बच्चों के होने की जानकारी सामने आई है।
सिरौली के अंजनी गांव में दो की गई जान
दूसरा हादसा आंवला तहसील के सिरौली थाना क्षेत्र के गांव अंजनी में हुआ। तेज आंधी के दौरान पड़ोसी की कच्ची दीवार गिरने से उसके पास बैठे लोग मलबे में दब गए। गांव के लोगों ने बताया कि हादसे में सुदामा देवी और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि चार वर्षीय रिया घायल हुई है। रिया को पहले रामनगर सीएचसी ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
किला और स्वालेनगर में भी दीवारें गिरीं
आंधी-बारिश के दौरान किला क्षेत्र के स्वालेनगर और आसपास भी दीवार गिरने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और लोगों को बाहर निकाला। अलग-अलग घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार जिला अस्पताल में कराया जा रहा है।
पेड़ गिरने से किला पुल और मिनी बाईपास पर यातायात प्रभावित
तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और डालियां गिरने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। किला पुल, रामपुर रोड और मिनी बाईपास के आसपास वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की जानकारी सामने आई। पेड़ हटाने के बाद यातायात सामान्य करने की कार्रवाई की गई।
बिजली आपूर्ति भी हुई प्रभावित
आंधी-बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। मढ़ीनाथ क्षेत्र की बिजली लाइन में ब्रेकडाउन के कारण कई फीडर प्रभावित हुए। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार बिजली आपूर्ति सामान्य होने में करीब चार से पांच घंटे का समय लगा। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की भी सूचना रही।
धान और गन्ने की फसल को नुकसान की आशंका
तेज हवा और बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में धान और गन्ने की फसल गिरने की सूचना है।हालांकि, फसल को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन कृषि विभाग के सर्वे के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए फिलहाल नुकसान का कोई अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है।
मलूकपुर बजरिया में जलभराव से बढ़ी परेशानी
बारिश के बाद मलूकपुर बजरिया, मलूकपुर नाले की सड़क, दरगाह आला हजरत मोड़ और सौदागरान क्षेत्र में जलभराव की समस्या सामने आई। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 40 मिनट की बारिश के बाद रास्तों पर पानी जमा हो गया। मलूकपुर से जसौली जाने वाली सड़क के करीब 100 मीटर हिस्से के अधूरे होने को लेकर भी स्थानीय लोगों ने जलनिकासी की समस्या उठाई है।
डीएम अविनाश सिंह ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि तेज बारिश और आंधी से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। डीएम ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मृतकों के परिजनों और प्रभावित परिवारों को शासनादेश के अनुसार 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
