लखनऊ जिला जज की अदालत ने करीब आठ साल पुराने मामले में सुनाया फैसला, प्रशांत चौधरी की सजा पर 21 सितंबर को होगी सुनवाई
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में गुरुवार को जिला जज की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया है। वहीं, दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। प्रशांत चौधरी की सजा के बिंदु पर अदालत 21 सितंबर को सुनवाई करेगी।
2018 में गोली लगने से हुई थी विवेक तिवारी की मौत
विवेक तिवारी की 28 सितंबर 2018 की रात गोली लगने से मौत हुई थी। घटना के वक्त वह अपनी सहकर्मी सना खान के साथ कार से लौट रहे थे। बताया गया कि गोमतीनगर एक्सटेंशन में मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने उनकी कार को रोकने का इशारा किया था। आरोप के मुताबिक, विवेक तिवारी ने कार नहीं रोकी। पुलिस की ओर से उस समय दावा किया गया था कि कार से सिपाहियों को टक्कर मारने की कोशिश की गई थी। इसी दौरान प्रशांत चौधरी ने कार की ओर गोली चला दी, जो विवेक तिवारी को लगी।
अस्पताल में हुई थी मौत, सना खान की तहरीर पर मुकदमा
गोली लगने के बाद विवेक तिवारी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद उनकी सहकर्मी सना खान की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार को आरोपी बनाया गया। दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार करने के साथ निलंबित भी किया गया था।
हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या का दोषी
करीब आठ साल बाद आए अदालत के फैसले में प्रशांत चौधरी को हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया गया है। अब अदालत 21 सितंबर को उनकी सजा की अवधि और अन्य बिंदुओं पर फैसला सुनाएगी। वहीं, अदालत ने दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
आठ साल बाद आया फैसला
विवेक तिवारी की मौत के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आया था। मामले की सुनवाई लखनऊ जिला जज की अदालत में चली। अब अदालत के फैसले के बाद प्रशांत चौधरी की सजा को लेकर 21 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
