बरेली : यूपी के बरेली में नगर निगम की नई कर निर्धारण सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कुछ दुकानों का मासिक किराया 700 रुपये से बढ़ाकर 14,000 रुपये तक कर दिया गया। इस बढ़ोतरी के विरोध में बुधवार को सैकड़ों व्यापारी बरेली नगर निगम कार्यालय पहुंच गए और धरना -प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्षद राजेश अग्रवाल ने किया। इस दौरान नारेबाजी, ज्ञापन और तीखी बहस का दौर चला। व्यापारियों का कहना है कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी “व्यावहारिक और न्यायसंगत” नहीं है।
700 से 14 हजार, 20 गुना तक बढ़ोतरी का आरोप
व्यापारियों के अनुसार, छोटे दुकानदार पहले से ही मंदी, बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा से जूझ रहे हैं। ऐसे में 20 गुना तक किराया बढ़ाना उनके लिए असंभव बोझ है। उनका आरोप है कि पर्याप्त सर्वे और सुनवाई के बिना दरें तय की गईं। प्रभावित दुकानदारों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।टैक्स कमेटी से गुहार के बावजूद राहत नहीं दी गई। प्रदर्शन के दौरान यह सवाल भी उठा कि “अगर सुनवाई ही नहीं होनी थी तो कमेटी बनाने का क्या औचित्य?”
प्रशासन की ओर से क्या?
खबर लिखे जाने तक नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। सूत्रों के मुताबिक, बढ़ते विरोध को देखते हुए वार्ता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन का पक्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दरें किस आधार पर तय की गईं?। क्या चरणबद्ध वृद्धि या संशोधन पर विचार होगा? क्या आपत्तियों के लिए पुनः सुनवाई का अवसर दिया जाएगा?। व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बढ़ा हुआ किराया वापस नहीं लिया गया तो, बाजार बंदी की चेतावनी दी।
