बरेली : शहर के थाना बारादरी के गेट पर मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब 32 वर्षीय डिलीवरी बॉय अक्षय कुमार कश्यप ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। देखते ही देखते वह आग की लपटों में घिर गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल कंबल और पानी की मदद से आग बुझाई और उसे जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया। पुलिस के अनुसार वह फिलहाल खतरे से बाहर है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, अक्षय कुमार फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र का रहने वाला है,।और एक निजी कंपनी में डिलीवरी का काम करता है। सोमवार रात वह गंगापुर इलाके में डिलीवरी देने गया था। उसने अपनी हीरो होंडा स्प्लेंडर प्लस बाइक शराब की दुकान के पास खड़ी की थी, जिसमें चाबी लगी रह गई थी। आरोप है कि इसी दौरान संजयनगर निवासी विकास सागर बाइक लेकर फरार हो गया। पीछा करने के दौरान अफरा-तफरी मची और विकास की बाइक से माधोबाड़ी निवासी आकाश टकरा गया, जिससे वह घायल हो।गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बाइक को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा कर दिया।
बाइक रिलीज को लेकर बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि अक्षय बाइक छुड़वाने के लिए लगातार थाने के चक्कर लगा रहा था। पुलिस का कहना है कि घायल की स्थिति और कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होने के बाद ही वाहन रिलीज किया जा सकता था।मंगलवार रात करीब 10 बजे अक्षय पेट्रोल से भरी बोतल लेकर थाने के गेट पर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने अचानक खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया और उसे अस्पताल पहुंचाया।
जानें क्या बोले एसपी सिटी?
एसपी सिटी मानुष पारीक ने मीडिया को बताया कि 24 फरवरी को अक्षय कुमार ने आवेश में आकर खुद को आग लगाने का प्रयास किया।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बाइक एक अन्य व्यक्ति को दी गई थी, जिससे दुर्घटना हो गई। उन्होंने कहा कि वाहन को नियमों के तहत दस्तावेज और जांच के बाद ही रिलीज किया जा सकता था। आवेश और उतावलेपन में अक्षय ने यह कदम उठाया। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है, और यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
