डीएम अविनाश सिंह ने बरेली मंडी में धान क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
बरेली मंडी में प्रशासन की सख्ती, जिलाधिकारी ने धान क्रय केंद्रों का किया निरीक्षण, किसानों से सीधे की मुलाकात
बरेली : जिलाधिकारी (डीएम) अविनाश सिंह ने गुरुवार को डेलापीर मंडी समिति स्थित राजकीय धान क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर किसानों से संवाद कर धान खरीद, तौल, भुगतान और पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी ली। किसानों ने डीएम को बताया कि मंडी में तौल और भुगतान की प्रक्रिया समय पर हो रही है, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। डीएम ने बताया कि जनपद में इस वर्ष धान की पैदावार बड़े पैमाने पर हुई है। जनपद में कुल 122 राजकीय धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2,369 प्रति क्विंटल तय किया गया है। अब तक जनपद में 67,000 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि 1,32,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है। इसके साथ ही उर्वरक की कमी न होने की बात कही है।

किसानों को पूरा लाभ मिले, बिचौलियों का न हो हस्तक्षेप- डीएम

निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य समय से मिले और किसी बिचौलिए का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि किसान सीधे अपनी उपज बेचकर अधिकतम लाभ प्राप्त करें, बिना किसी दलाल या एजेंट के प्रभाव में आए।
16 धान क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण

डीएम अविनाश सिंह ने डेलापीर मंडी में स्थित 16 धान क्रय केंद्रों का मौके पर निरीक्षण किया, और किसानों से बात कर उनकी समस्याएं जानीं।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जाए।
किसानों की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता
डीएम ने यह भी कहा कि प्रत्येक केंद्र पर लेखपालों और कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों के सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया में कोई विलंब न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धान खरीद कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी

निरीक्षण के समय डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय, सचिव मंडी समिति, और अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
उर्वरक काला बाजारी पर डीएम सख्त
डीएम की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जनपद में उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उर्वरक वितरण कार्य पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए तथा काला बाजारी, ओवररेटिंग और टैगिंग जैसी किसी भी गतिविधि पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो। डीएम ने कहा कि किसानों के साथ संवाद करते समय अधिकारी संवेदनशील और सहयोगी दृष्टिकोण अपनाएं। उन्होंने अधिकारियों और सहकारिता सचिवों से कहा कि बिचौलियों की परंपरा को समाप्त कर किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। कृषकों को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर उर्वरक मिले, यह हमारी प्राथमिकता है।
रबी सीजन 2025-26 के लिए की अग्रिम तैयारी
डीएम ने कहा कि आगामी रबी सीजन 2025-26 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की सुनियोजित योजना अभी से तैयार की जाए, ताकि किसान भाइयों को समय पर आवश्यक उर्वरक मिल सके। उन्होंने कहा कि उर्वरक आपूर्ति की निगरानी ब्लॉक और तहसील स्तर पर भी होनी चाहिए और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक केंद्र की स्थिति का नियमित आकलन करें।
