वरिष्ठ नागरिक दिवस पर संजीव मेहरोत्रा बोले, वृद्धों की कुर्बानी से हासिल किया मुकाम
बरेली : हर साल 21 अगस्त को वरिष्ठ नागरिक दिवस (World Senior Citizens Day) मनाया जाता है। यह दिन समाज में बुज़ुर्गों के योगदान को सम्मान देने और उनके अधिकारों व कल्याण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। हालांकि, इसकी शुरुआत 1988 में अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने की थी, जब उन्होंने Proclamation 5847 पर हस्ताक्षर कर इस दिन को Senior Citizens Day घोषित किया। वरिष्ठ नागरिक दिवस पर वरिष्ठ नागरिक संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि वृद्धों ने बड़ी कुर्बानियां दी हैं। इसके बाद ही हम लोगों, और देश ने मुकाम हासिल किया है। इसलिए उनका सम्मान कायम रहना चाहिए। “हमारे बुज़ुर्ग समाज की नींव हैं। उनका आशीर्वाद, अनुभव और संघर्ष ही हमें एक सशक्त भविष्य की ओर ले जाता है। वरिष्ठ नागरिक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि बुज़ुर्गों की सेवा और सम्मान ही सच्चा संस्कार है।”
जानें क्या कहा था रीगन ने

रीगन ने कहा था कि”हमारे पूरे इतिहास में, वृद्धों ने हमारे परिवारों, समुदायों और देश के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने जीवनभर जो कुछ हासिल किया है, और जो कुछ आज भी कर रहे हैं। उसके लिए हम उनके आभारी हैं।”
बुजुर्गों की आवाज़ को बनाएं सशक्त
वरिष्ठ नागरिक दिवस 2025 का विषय “समावेशी भविष्य के लिए बुजुर्गों की आवाज़ को सशक्त बनाना” (Empowering the Voices of the Elderly for an Inclusive Future) है। यह थीम इस बात पर ज़ोर देती है कि बुज़ुर्गों के अनुभव और दृष्टिकोण को न केवल सुना जाए, बल्कि नीतियों और निर्णयों में शामिल भी किया जाए।
भारत में 10.4 करोड़ वरिष्ठ नागरिक
2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या 10.4 करोड़ (8.6%) थी। अनुमान है कि 2025 तक यह संख्या कुल जनसंख्या का लगभग 18% तक पहुँच जाएगा। संयुक्त परिवारों के टूटने और शहरीकरण ने बुज़ुर्गों की सामाजिक -आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।
