एफएसडीए की छापेमारी से हड़कंप, कुट्टू आटा, दूध-घी, पानी तक में मिली गड़बड़ी
बरेली : शहर में मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की बड़ी कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया है। टीम ने ठिरिया निजावत रोड स्थित अलनिशा रेस्टोरेंट समेत कई दुकानों और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। प्रारंभिक जांच में कई नमूने फेल पाए गए हैं। जिससे आम लोगों की सेहत पर खतरे के संकेत मिले हैं।
रेस्टोरेंट में फंगस लगे काजू, सैंपल जांच को भेजे
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के मुताबिक, अलनिशा रेस्टोरेंट में फंगस लगे काजू खाने में इस्तेमाल किए जाने की शिकायत पर छापा मारा गया। किचन का निरीक्षण कर काजू का नमूना जांच के लिए लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
नामी कंपनी के तेल-रिफाइंड में भी गड़बड़ी
परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बीएल एग्रो से लिए गए सरसों तेल और फोर्टिफाइड रिफाइंड सोयाबीन ऑयल के नमूनों में गुणवत्ता मानकों से छेड़छाड़ पाई गई। सैपोनिफिकेशन वैल्यू में गड़बड़ी सामने आई, जबकि कच्ची घानी सरसों तेल भी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
कुट्टू के आटे में मिलावट, मूंगफली-कत्था भी फेल
नकटिया और विशारतगंज की दुकानों से लिए गए कुट्टू के आटे में सिंघाड़े के आटे की मिलावट पाई गई। मीरगंज के एक स्टोर से लिए गए मूंगफली के नमूनों में फंगस मिला, जबकि भुता क्षेत्र की शारदा इंडस्ट्रीज के कत्था में भी गड़बड़ी सामने आई।
दूध-घी और चीज भी अधोमानक
पुराना शहर स्थित डेयरी से लिए गए दूध और खुले घी में फैट की मात्रा मानक से कम मिली। वहीं मोत्ज़रेला चीज के नमूने को मिथ्याछाप पाया गया, यानी उत्पाद गलत तरीके से बेचा जा रहा था।
पानी भी सुरक्षित नहीं! पैकेज्ड वाटर में कमी
बहेड़ी क्षेत्र से लिए गए पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के नमूने में मैग्नीशियम की मात्रा तय मानकों से कम पाई गई, जिससे इसे अधोमानक घोषित किया गया।
30 दिन में जवाब नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी कारोबारियों को 30 दिन के भीतर अपील करने का मौका दिया है। समय सीमा में जवाब न मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर नमूनों को केंद्रीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
