बरेली : शहर के विकास को नई रफ्तार देने के लिए नगर निगम ने 1090 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया है। महापौर डॉ. उमेश गौतम की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में इस बजट को बिना किसी विरोध के मंजूरी मिली। इसे बरेली के इतिहास का सबसे बड़ा और संतुलित बजट माना जा रहा है, जिसमें बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शहर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष फोकस किया गया है।
सड़क और रोशनी पर बड़ा फोकस
बजट में शहर की सड़कों के निर्माण और सुधार के लिए 120 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।वहीं, शहर को रोशन बनाने के लिए 30 हजार नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए करीब 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे हर वार्ड में 300 से अधिक लाइटें लगाकर अंधेरे इलाकों को रोशन किया जाएगा।
सफाई व्यवस्था होगी मजबूत
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को और प्रभावी बनाने के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।इससे हर घर से नियमित कूड़ा उठान सुनिश्चित कर शहर को साफ-सुथरा बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
हर गली तक पानी और सीवर लाइन
नगर निगम ने पेयजल और सीवर लाइन को हर गली तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बजट भी खर्च किया जाएगा, ताकि जलभराव और पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
ग्रीन बरेली और पार्कों का कायाकल्प
शहर को हरित और सुंदर बनाने के लिए 330 पार्कों के सौंदर्यीकरण पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।वहीं “ग्रीन बरेली” और मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत 40 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
नंदीशाला और पशु नियंत्रण पर भी योजना
शहर के सीबीगंज क्षेत्र में दो माह के भीतर नंदीशाला शुरू करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए एजेंसियां तय की गई हैं, और बंदरों की समस्या से निपटने के लिए वन विभाग अभियान चलाएगा।
राजस्व बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य
नगर निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए 750 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य तय किया है, जो पहले 600 करोड़ था। इससे विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
महापौर बोले-जमीन पर दिखेगा बदलाव
महापौर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि यह बजट सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर वार्ड में सड़क, पानी, सीवर और रोशनी की सुविधाएं धरातल पर नजर आएंगी। उद्देश्य बरेली को एक स्मार्ट, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाना है।
