आरोपियों पर 20- 20 हजार का अर्थदंड, कोर्ट में 12 गवाह किए पेश
बरेली : शहर के बारादरी थाना क्षेत्र के गंगापुर में तीन साल पहले दिनदहाड़े एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस चर्चित मामले में अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है। पिता की बेइज्जती का बदला लेने के लिए 21.11.2022 को गंगापुर चौराहा पर स्थित शराब भट्टी के पास सुजीत उर्फ गोला की हत्या करने वाले दो सगे भाइयों राहुल उर्फ अप्पा, और दीपक को कोर्ट ने उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। दोनों पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
अदालत में 12 गवाह पेश
मुकदमे के दौरान आरोपी पक्ष ने कहा कि दोनों आरोपी पहली बार किसी गंभीर अपराध में शामिल हुए हैं, और उनके बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करने वाला और कोई नहीं है। माघ, अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि दिनदहाड़े, सार्वजनिक स्थान पर हुई हत्या ने समाज में भय का माहौल बनाया। ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस मुकदमें में 12 गवाह पेश किए गए। इसमें अधिकांश गवाह आरोपी के खिलाफ थे।
कोर्ट ने माना, सार्वजनिक स्थान पर हत्या गंभीर अपराध
एडिशनल सेशन जज, कोर्ट नं. 8 ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह मामला विरलतम श्रेणी में नहीं आता, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर भय पैदा करने वाले अपराध की श्रेणी में जरूर आता है। इसलिए गंभीर अपराध होने के कारण आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस मामले में धारा 302/34 IPC के तहत राहुल उर्फ अप्पा और दीपक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। धारा 3/25 आयुध अधिनियम में राहुल को 3 साल कैद, और 5 हजार रुपये जुर्माना (न देने पर अतिरिक्त सजा)।
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
2022 में गंगापुर के व्यस्त बाजार में हुई हत्या की पूरी घटना पास की दुकान के CCTV कैमरे में कैद हो गई थी। वीडियो में स्पष्ट दिखा कि आरोपी दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दे रहे हैं। अदालत ने इसी फुटेज को सबसे निर्णायक सबूत मानते हुए दोषियों को सजा सुनाई। अदालत ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थान पर होने वाले अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। यह निर्णय अन्य अपराधियों के लिए भी चेतावनी है कि कानून को हाथ में लेना महंगा साबित होगा। तीन साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला और शहरवासियों का कानून व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हुआ।
