बरेली : बरेली कॉलेज के एमएड सभागार में 21 यूपी बटालियन एनसीसी और सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) के सहयोग से विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद एनसीसी कैडेट्स को भारतीय सेना में भर्ती प्रक्रिया, अधिकारी बनने के रास्ते और सेना में जरूरी नेतृत्व क्षमता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
सेना में करियर बनाने के बताए गए रास्ते
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे मेजर ईशांत डागर ने आधुनिक प्रेजेंटेशन के जरिए सेना भर्ती की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने सिपाही भर्ती से लेकर अधिकारी स्तर तक चयन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए अग्निवीर योजना, एनडीए, सीडीएस और एनसीसी स्पेशल एंट्री के माध्यम से सेना में करियर बनाने के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सही रणनीति, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर युवा भारतीय सेना में अपना भविष्य बना सकते हैं।
एसएसबी इंटरव्यू और जीटीओ टास्क की दी जानकारी
जागरूकता सत्र के दौरान सेवा चयन बोर्ड यानी एसएसबी इंटरव्यू की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मेजर डागर ने बताया कि सेना में अधिकारी चयन के दौरान उम्मीदवार की नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, टीम भावना और मानसिक मजबूती को परखा जाता है। उन्होंने जीटीओ टास्क, मनोवैज्ञानिक परीक्षण और सेना के अधिकारी में जरूरी गुणों के बारे में भी कैडेट्स को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना केवल नौकरी नहीं बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा का सबसे बड़ा माध्यम है।
कर्नल होशियार सिंह ने युवाओं को किया प्रेरित
कार्यक्रम के अंत में 21 यूपी बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल होशियार सिंह ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम,अनुशासन और दृढ़ संकल्प ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य तय कर पूरी निष्ठा के साथ उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान सूबेदार मेजर अनिल कुमार, नायब सूबेदार भरत सिंह, हवलदार एसपी सिंह, हवलदार हर सिंह, हवलदार नरेश और लेफ्टिनेंट डॉ. रितेश कुमार चौरसिया समेत बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहे।
