बरेली : यूपी के बरेली की ऐतिहासिक धरोहर प्रसिद्ध बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की मांग अब तेज होती नजर आ रही है। बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र भेजा था। मगर, अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बरेली के सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार को पत्र भेजकर जवाब भेजा है। उन्होंने बताया है कि इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव को आगे संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। इस जवाब के बाद अब इस मुद्दे ने प्रशासनिक स्तर पर भी गति पकड़ ली है।
वर्षों पुरानी मांग ने लिया आंदोलन का रूप

बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। कर्मचारी कल्याण सेवा समिति सहित कई संगठनों और शिक्षाविदों ने इस मुद्दे को बार-बार उठाया, लेकिन हर बार यह मामला फाइलों में ही अटका रहा। अब यह मुद्दा एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।
दर्जा मिलने पर बदल सकती है शिक्षा की तस्वीर
अगर, बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिल जाता है, तो पूरे रुहेलखंड क्षेत्र में शिक्षा के स्तर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। छात्रों को बेहतर संसाधन, आधुनिक सुविधाएं और रिसर्च के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही बरेली को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी मिल सकती है। यह कॉलेज ब्रिटिश हुकूमत में बना था, और देश के सबसे चार पुराने कॉलेज में है।
अब केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी नजरें
शिक्षा मंत्री के जवाब के बाद उम्मीदें जरूर जगी हैं, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। बरेली के लोगों की नजर अब केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर है। अगर, इस बार भी मामला आगे नहीं बढ़ा, तो लोगों में नाराजगी बढ़ सकती है, वहीं सकारात्मक निर्णय पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है।
