बरेली : यूपी के बरेली में कानून -व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एसएसपी अनुराग आर्य लगातार सख्त और निर्णायक कदम उठा रहे हैं। जिले में संगठित अपराध को खत्म करने के मिशन के तहत पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी, चोरी, नकबजनी, गौकशी, लूट, हत्या और मारपीट जैसे गंभीर मामलों में शामिल 7 गैंगों के 32 अपराधियों को गैंगस्टर एक्ट में पंजीकृत कर दिया है। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अपराधियों पर शिकंजा और कसने वाला है और अब उन्हें किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिलेगी।
रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठियों के सत्यापन अभियान का आगाज
जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर रोहिंग्या,बांग्लादेशी और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन की व्यापक कार्रवाई की। कई इलाकों में पुलिस टीमों ने दस्तावेजों की जांच की, पहचान सत्यापन किया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
यह अभियान जिला सुरक्षा को लेकर पुलिस के जीरो-टॉलरेंस एप्रोच को दर्शाता है।
अच्छा काम करने वालों का सम्मान, इनको दी चेतावनी
बेहतर कार्यप्रणाली और जनता के प्रति संवेदनशीलता दिखाने वाले 10 चौकी प्रभारियों को एसएसपी ने सम्मानित किया है। यह कदम पुलिस विभाग में मनोबल बढ़ाने और ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को प्रेरित करने की दिशा में बड़ा संदेश है। इसके साथ ही खराब काम में जंक्शन चौकी प्रभारी गौरव अत्री दूसरे, कुंडरा चौकी के प्रभारी जय सिंह तीसरे, फरीदपुर कस्बा चौकी प्रभारी जसवीर सिंह चौथे, बिथरी थाने की रामगंगा नगर चौकी प्रभारी अजय सिंह पांचवें, सेंथल चौकी प्रभारी सतेंद्र कुमार छठे, धौरेरा चौकी के प्रभारी रोहित कुमार सातवें, बिहारीपुर चौकी प्रभारी शिवम कुमार आठवें, रिठौरा चौकी प्रभारी वैभव गुप्ता नौवें, सिरौली की नवाबपुरा चौकी प्रभारी पूजा गोस्वामी दसवें नंबर पर रहीं।
अनुशासनहीनता पर सीधी कार्रवाई, 3 आरक्षी निलंबित
ड्यूटी से लापरवाही और बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर आरक्षी राकेश कुमार, योगेश कुमार और अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
यह दिखाता है कि विभाग के अंदर अनुशासन को लेकर पुलिस नेतृत्व बिल्कुल समझौता नहीं करेगा।
बरेली पुलिस का तीन-स्तरीय मॉडल
बरेली पुलिस की इन कार्रवाइयों से एक पैटर्न साफ दिख रहा है कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होगी। बेहतर काम करने वालों को सम्मान किया जाएगा। अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस। यह तीनों कदम बताते हैं कि पुलिस प्रशासन का फोकस अपराध नियंत्रण + जनसुरक्षा + विभागीय अनुशासन तीनों को एक साथ मजबूत करने पर है।
