बरेली : यूपी के बरेली में शिवसेना (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) के जिला प्रमुख दीपक पाठक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हिंदू नेताओं की सुरक्षा, गौतस्करी और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विरोध जताया।
हिंदू नेताओं की हत्या पर जताई नाराजगी
दीपक पाठक ने कहा कि कमलेश तिवारी की हत्या के बाद भी इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने चंदन गुप्ता, कन्हैया लाल, तरुण खटीक और चंद्रशेखर उर्फ फरसे वाले बाबा जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये घटनाएं सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है।
गौतस्करी और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
ज्ञापन में गौहत्या और गौतस्करी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।शिवसेना नेताओं का कहना है कि हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर गोतस्करी हो रही है, लेकिन इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले हिंदूवादी कार्यकर्ताओं पर ही पुलिस कार्रवाई की जा रही है।
शिवसेना की यह थीं प्रमुख मांगें
उन्होंने मांग कि गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित किया जाए। गौहत्या को संगीन अपराध की श्रेणी में लाया जाए। हिंदू नेताओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाए। गिरफ्तार गोरक्षकों और कार्यकर्ताओं को रिहा कर मुकदमे वापस लेने की मांग की।गौतस्करी रोकने के लिए विशेष टीम गठित होनी चाहिए। शिवसेना नेताओं ने कहा कि ज्ञापन शांतिपूर्ण तरीके से सौंपा गया है, लेकिन यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
