बरेली : यूपी के बरेली शहर के एक रेस्टोरेंट में युवती के जन्मदिन समारोह के दौरान हुए हंगामे और तोड़फोड़ के मामले ने अब सियासी और सामाजिक रंग ले लिया है। इस पूरे विवाद पर यू ट्यूबर साक्षी मिश्रा खुलकर सामने आई हैं, और उन्होंने धर्म के नाम पर हिंसा और गुंडई करने वालों पर तीखा हमला बोला है। वह भाजपा के एक पूर्व विधायक की पुत्री हैं। मगर, शादी के बाद से परिवार से रिश्ते खत्म हो चुके हैं। साक्षी मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि “जय श्रीराम का नारा लगाकर गुंडई नहीं चलेगी। कोई भी आपसे पूछकर अपना बर्थडे नहीं मनाएगा।” उन्होंने बर्थडे पार्टी में शामिल युवती और उसके दोस्तों का खुलकर समर्थन किया।
जानें क्या है पूरा मामला
विदित रहे कि पिछले दिनों एक युवती अपने दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट में जन्मदिन मना रही थी। पार्टी में उसके दो मुस्लिम दोस्त भी मौजूद थे। इसी बात को लेकर बजरंग दल समर्थकों ने रेस्टोरेंट में हंगामा, मारपीट और तोड़फोड़ की। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया। युवती पर “लव जिहाद” जैसे आरोप भी लगाए गए। हालांकि, 4 युवक हिन्दू समाज के भी थे।
साक्षी मिश्रा का तीखा सवाल
यू ट्यूबर साक्षी मिश्रा ने हंगामा करने वालों से सवाल किया कि“अगर आप इतने ही धर्म के ठेकेदार हैं, तो नेताओं की शादियों में जाकर जय श्रीराम का नारा लगाकर मारपीट क्यों नहीं करते? वहां तो हिंदू-मुस्लिम सब जाते हैं।”उन्होंने कहा कि आम जनता को कमजोर समझकर डराया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि इन लोगों की हिम्मत सिर्फ आम लोगों तक ही सीमित है।
महिला के चरित्र पर सवाल उठाने पर भड़कीं साक्षी
साक्षी ने कहा कि “भगवा गमछा डालकर भगवान राम के नाम पर आतंक मचाना बंद करो। किसी लड़की के चरित्र पर उंगली उठाने से पहले अपने घर की महिलाओं का चेहरा देखो।”उन्होंने कहा कि किसी की मर्जी से शादी या दोस्ती करना अपराध नहीं है, लेकिन जातिवाद और सांप्रदायिक सोच रखने वालों को यह बर्दाश्त नहीं होता।
“मैं मुस्लिम का नहीं, अपनी बहन का समर्थन कर रही हूं”
साक्षी मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वह किसी धर्म विशेष का नहीं बल्कि एक लड़की के सम्मान और अधिकार का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने खुद गैर-बिरादरी में शादी की थी, तब भी उन्हें निशाना बनाया गया था, “तब भी तुम्हें दिक्कत थी और आज भी दिक्कत है। तुम लोग मौके के हिसाब से रंग बदलते हो।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
साक्षी मिश्रा ने बरेली प्रशासन से अपील की कि“धर्म के नाम पर हिंसा फैलाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो। चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, जो भी दोषी हो उसे जेल भेजा जाए।”इस पूरे घटनाक्रम के बाद बरेली का यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है, और साक्षी मिश्रा का बयान तेजी से वायरल हो रहा है।
