मृतक अंकुश पटेल का फाइल फोटो
बरेली: शहर में सड़क हादसों की दो दर्दनाक घटनाओं ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए इन हादसों में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। त्योहार की तैयारियों के बीच आई इन खबरों से पीड़ित परिवारों की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।
अनियंत्रित कार दुकान में घुसी, 26 वर्षीय युवक की मौत
पहली घटना भुता थाना क्षेत्र की है। गांव इस्माइलपुर निवासी 26 वर्षीय अंकुश पटेल रविवार रात रिश्तेदारी से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि इज्जतनगर थाना क्षेत्र के नथुरामपुरा गांव के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बनी एक दुकान में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अंकुश की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, कार में फंसे शव को बाहर निकलवाया गया और आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जिला अस्पताल पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अंकुश अपने पीछे पत्नी ममता और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। वह खेती के साथ-साथ अन्य कार्य कर परिवार का पालन-पोषण करते थे।
काम पर जाते समय टैंकर की टक्कर, 40 वर्षीय व्यक्ति की जान गई

मृतक मुकेश कुमार की फाइल फोटो
दूसरी घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र से सामने आई। गांव हिमकारा निवासी 40 वर्षीय मुकेश रोज की तरह सुबह बाइक से सीबीगंज स्थित फैक्ट्री जा रहे थे। इसी दौरान भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मसीद गांव के पास तेज रफ्तार टैंकर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि मुकेश की भी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और कागजातों के आधार पर परिजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार जिला अस्पताल पहुंचा, जहां हर आंख नम दिखी। मुकेश अपने पीछे पत्नी चित्रा, दो बेटियां और एक बेटे को छोड़ गए हैं। वह प्राइवेट नौकरी कर परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे। होली की तैयारियों में जुटा घर अचानक शोक में डूब गया।
क्या बोली पुलिस?
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। हादसों के कारणों की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों घटनाएं सड़क दुर्घटना के रूप में दर्ज की गई हैं।
लगातार हादसों से लोगों में नाराजगी
एक के बाद एक हो रहे सड़क हादसों ने स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया है। लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी ऐसी घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है। मांग की जा रही है कि संवेदनशील इलाकों में सख्ती बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
