बरेली : शहर के थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र के पुरनापुर गांव में लंबे समय से चल रहा आपसी विवाद आखिरकार खतरनाक रूप ले बैठा। जानकारी के मुताबिक, इस विवाद की जड़ एक पुरानी घटना थी। जिसमें एक युवती को भगा ले जाने को लेकर दोनों पक्षों में रंजिश हो गई थी। यही रंजिश धीरे-धीरे बढ़ती गई और गांव में तनाव का माहौल बन गया, जिसे समय रहते शांत नहीं कराया जा सका। जिसके चलते फायरिंग की घटना हुई। इस घटना के बाद प्रथम दृष्टया जांच में एसएसपी ने लापरवाही पर हल्का दरोगा, सिपाही के साथ थाना प्रभारी को भी सस्पेंड किया गया है।
पहले मारपीट, फिर मुकदमे, लेकिन नहीं थमा विवाद
4 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और मारपीट की घटना हुई थी। हालात बिगड़ते देख दोनों पक्षों ने थाना बिथरी चैनपुर में एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए। पुलिस के पास मामला पहुंचने के बावजूद इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। जिससे विवाद और ज्यादा बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बना रहा।
अगले ही दिन फायरिंग, महिला घायल, इलाके में मचा हड़कंप
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब 5 अप्रैल को एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस बार मामला इतना बढ़ गया कि फायरिंग तक पहुंच गया। इस फायरिंग में एक महिला घायल हो गई। जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
जांच में खुली पोल, SSP का सख्त एक्शन
पूरे मामले की जांच में यह सामने आया कि उपनिरीक्षक (दरोगा) अमरेश कुमार और बीट सिपाही आकाश ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया। न तो समय रहते कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही उच्च अधिकारियों को सही जानकारी दी गई। इसके साथ ही यह भी पाया गया कि समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की गई। जिससे विवाद बढ़कर हिंसक हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
क्रॉस FIR और लचर कार्यशैली पर गिरी गाज, थाना प्रभारी भी सस्पेंड
मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी बिथरी चैनपुर चन्द्र प्रकाश शुक्ला की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि एक पक्ष द्वारा हमलावर होकर मारपीट करने के बावजूद और दूसरे पक्ष के मेडिकल में कोई स्पष्ट चोट न होने के बाद भी संदिग्ध तरीके से क्रॉस FIR दर्ज की गई। इसके साथ ही, स्थानांतरण से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई करना, समय रहते रोकथाम के कदम न उठाना और लचर कार्यशैली दिखाना भी जांच में सामने आया। इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए एसएसपी ने थाना प्रभारी को भी सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
