बरेली : यूपी के बरेली में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कैंट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कैंट प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर अपनी टीम के साथ जुमे की नमाज के दौरान गश्त पर थे, तभी सूचना मिली कि एक साइबर ठग गिरोह काली स्कॉर्पियो में घूमकर लोगों को निशाना बना रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और उसमें सवार पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
पांच आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाकिब, राजकुमार, सचेन्द्र कुमार, आशीष सिंह और बब्लू उर्फ माधोराम के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक लैपटॉप, कई मोबाइल फोन, चेकबुक, डेबिट -क्रेडिट कार्ड, बैंक दस्तावेज, ट्रस्ट की मोहर, स्कॉर्पियो गाड़ी, दो अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस समेत बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है।
फर्जी ट्रस्ट और APK फाइल से करते थे ठगी
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह फर्जी ट्रस्ट बनाकर बैंक खाते खोलता था और SMS Listener नाम की APK फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल मैसेज पर नियंत्रण हासिल कर लेता था। जैसे ही खाते में पैसा आता, आरोपी तुरंत उसे कई खातों में ट्रांसफर कर देते थे, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था। बाद में ATM और चेक के जरिए रकम निकाल ली जाती थी।
विदेशी कनेक्शन और करोड़ों के ट्रांजैक्शन का खुलासा
जांच में इस गैंग के तार विदेशों तक जुड़े होने के संकेत मिले हैं। आरोपियों के मुताबिक, कुछ विदेशी ऑपरेटर नेपाल में बैठकर इस नेटवर्क को संचालित करते थे। अब तक 22 बैंक खातों से जुड़े इस गिरोह के खिलाफ NCRP पोर्टल पर 524 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। वहीं, आरोपियों के मोबाइल से करीब 1.55 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन का भी खुलासा हुआ है।
पुलिस ने कार्रवाई की तेज, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। यह घटना एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
