दरगाह आला हज़रत ने अजमेर शरीफ़ उर्स में भेजा प्रतिनिधिमंडल, देश में आपसी सौहार्द का पैग़ाम
सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा ने अकीदत के फूल व चादर अजमेर भेजी
बरेली : विश्व विख्यात दरगाह ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती संजरी के अजमेर शरीफ़ में इस समय उर्स चल रहा है। इस साल की कुल शरीफ की रस्म 27 दिसंबर को अदा की जाएगी। जिसके चलते दरगाह आला हज़रत बरेली के सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ्ती अहसन रज़ा (अहसन मियां) ने अपनी ओर से अकीदत के फूल और चादर अजमेर शरीफ़ मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी और टीटीएस के वरिष्ठ सदस्य मौलाना तौहीद रज़ा के नेतृत्व में रवाना की। प्रतिनिधि मंडल में मौलाना लियाकत नूरी, आसिफ रज़ा, जावेद खान, फैजान रज़ा सहित कई वरिष्ठ सदस्य शामिल रहे।
वलियों के उर्स मुल्क में आपसी सौहार्द देते हैं बढ़ावा
चादर रवाना करने से पहले सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि अल्लाह के वलियों के उर्स मुल्क में आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि सूफियों और वलियों ने हमेशा अपने मज़हब के साथ-साथ देशभक्ति और मोहब्बत का पैग़ाम दिया। अहसन मियां ने आगे कहा कि वर्तमान समय में नफरत और असहिष्णुता को सिर्फ मोहब्बत के उजालों से ही खत्म किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अजमेर शरीफ़ में गरीब नवाज़ का दर सभी के लिए खुला है, और यहां हर मज़हब और मिल्लत के लोग आकर अकीदत के फूल पेश करते हैं।
खानकाहें आपसी इत्तेहाद और मोहब्बत को दें बढ़ावा
बरेली मरकज़ का संदेश भी यही है कि देशभर की खानकाहें आपसी इत्तेहाद और मोहब्बत को बढ़ावा दें।
अंत में उन्होंने मुल्क और मिल्लत की खुशहाली के लिए विशेष दुआ की। इस अवसर पर मौलाना बशीरूल क़ादरी, औरंगज़ेब नूरी, अजमल नूरी, परवेज़ नूरी, शाहिद नूरी, ताहिर अल्वी, मंज़ूर रज़ा, मुजाहिद बेग, युनुस गद्दी, इरशाद रज़ा, इशरत नूरी, साजिद नूरी सहित कई समाजसेवी और धार्मिक नेता मौजूद रहे।
