कैंट बोर्ड का मास्टर प्लान-आधुनिक गौशाला, स्मार्ट सीवेज सिस्टम और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी
बरेली : यूपी के बरेली कैंट बोर्ड की बुधवार को हुई अहम बैठक में शहर के सतत विकास, तकनीकी शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक सुधार को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता ब्रिगेडियर गगनदीप सिंह ने की, जबकि बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। डॉ. जैन ने कहा- “ये फैसले बरेली को स्मार्ट, हरित और तकनीकी रूप से सक्षम शहर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। सभी विभाग समयबद्ध कार्ययोजना सौंपें।”
बरेली में बनेगा हाई-टेक ‘इनोवेशन हब’-युवाओं व स्टार्टअप्स के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म
शहर के कैंट बोर्ड ने शहर में ‘इनोवेशन हब’ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस हब में डिजिटल गवर्नेंस, शहरी प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा,सिविक टेक इनोवेशन, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, स्मार्ट सॉल्यूशंस डेवलपमेंट पर फोकस रहेगा। यहां युवा, शोध संस्थान और स्टार्टअप्स मिलकर काम करेंगे। शहर में पहली बार तकनीक आधारित R&D और सॉल्यूशन लैब स्थापित होगी।
पर्यावरण व शहरी सुधारों के लिए बनेगा “Center of Excellence”
इस सेंटर का उद्देश्य कौशल विकास, शहरी प्रशासन प्रशिक्षण,पर्यावरण संरक्षण,नगरपालिका सुधार,क्षमता निर्माण, यह बरेली को स्मार्ट गवर्नेंस मॉडल की ओर ले जाएगा।
जिले की पहली ‘मॉडर्न मॉडल गौशाला’
कैंट बोर्ड ने एक अत्याधुनिक मॉडल गौशाला का निर्णय लिया। जिसमें उत्तम पोषण पशु-चिकित्सा सेवाएँ, अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन, गोबर -गोमूत्र आधारित बायो-फर्टिलाइजर, जनसहभागिता कार्यक्रम होगा। यह पूरे जिले के लिए सस्टेनेबल लाइवस्टॉक मैनेजमेंट का मॉडल बनेगी।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स होंगे अपग्रेड, रियल-टाइम मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी
बोर्ड ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को टेक्नोलॉजी से लैस करने का फैसला लिया है। इसमें रियल-टाइम मॉनिटरिंग, ट्रीटेड पानी का पुन: उपयोग, स्लज मैनेजमेंट, शहर के हरित क्षेत्रों में जल सप्लाई, शहरी सौंदर्यीकरण, यह बरेली के पर्यावरण स्वास्थ्य को नई दिशा देगा। इसके अलावा अमृत सरोवर पुनर्जीवन परियोजना को मंजूरी मिली है। इस परियोजना में डे-सिल्टिंग, लैंडस्केपिंग, सोलर लाइटिंग, पैदल पथ, सामुदायिक हरित क्षेत्र,ओपन जिम व बैठने की व्यवस्था, यह सरोवर इको-टूरिस्टिक स्पॉट के रूप में विकसित होगा।
कार्बन न्यूट्रल बरेली कैंट की दिशा में बड़ा कदम
कैंट बोर्ड ने कार्बन न्यूट्रल स्ट्रैटेजी को स्वीकृति की। इसमें ऊर्जा ऑडिट, सोलर इंस्टॉलेशन का विस्तार, इलेक्ट्रिक वाहन व हरित परिवहन, वेस्ट-टू-एनर्जी मॉडल, बड़े पैमाने पर पौधरोपण, कार्बन सेक्वेस्ट्रेशन योजना है। यह बरेली कैंट को उत्तर भारत के पहले ग्रीन-कैंट मॉडल के रूप में स्थापित कर सकता है। इसमें कर्मचारियों के लिए वेलनेस पैकेज स्वास्थ्य से तनाव प्रबंधन तक है। कर्मचारियों के लिए कैंट बोर्ड ने कई कल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें हेल्थ चेकअप कैंप, प्रशिक्षण कार्यक्रम, तनाव प्रबंधन सत्र, कार्यस्थल सुविधाओं का सुधार और डिजिटाइज्ड सर्विस पोर्टल होगा।
