निराश्रित पशु, सिंचाई, MSP और खाद संकट पर किसानों की खुलकर आवाज
बरेली : यूपी के बरेली के इज्जतनगर में स्थित आईवीआरआई के विवेकानंद ऑडिटोरियम में शुक्रवार को अलीगढ़, आगरा और बरेली मंडल की ‘मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूपी सरकार के मंत्री बलदेव सिंह औलख ने की, जबकि कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे। गोष्ठी में तीनों मंडलों के किसानों और अधिकारियों ने खरीफ फसलों, सिंचाई, निराश्रित पशुओं, एमएसपी, खाद उपलब्धता और कृषि योजनाओं से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से उठाया।किसानों ने कहा कि छुट्टा पशुओं और बंदरों से फसलों को भारी नुकसान हो रहा है, जबकि समय पर खाद और सिंचाई का पानी न मिलने से खेती प्रभावित हो रही है।

सोलर फेंसिंग, गौशाला और MSP की उठाई मांग
पीलीभीत और शाहजहांपुर के किसानों ने फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग पर अनुदान और छुट्टा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। बदायूं के किसानों ने आलू आधारित उद्योग लगाने और अतिरिक्त मक्का ड्रायर उपलब्ध कराने की मांग उठाई। बरेली मंडल के किसानों ने कहा कि गेहूं बुवाई के समय नहरों की सफाई के कारण पानी समय पर नहीं मिल पाता, जिससे खेती प्रभावित होती है।किसानों ने यह भी मांग की कि एमएसपी पर सीधे किसानों की फसल खरीदी जाए।

छोटे किसानों ने कहा-योजनाओं का नहीं मिल रहा है लाभ
किसानों ने क्लस्टर गठन योजना में जोत सीमा कम करने की मांग करते हुए कहा कि छोटे किसानों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। आगरा मंडल के किसानों ने मशरूम और पॉलीहाउस के लिए बिजली कनेक्शन को कृषि श्रेणी में शामिल करने की मांग रखी। फिरोजाबाद के किसानों ने छोटे ट्रैक्टरों पर सब्सिडी और वर्मी कम्पोस्ट खाद पर दोबारा अनुदान शुरू करने की मांग की।
सरकार ने दिए बड़े आश्वासन
कृषि मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि किसानों की सभी समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने सिंचाई व्यवस्था सुधारने और सहफसली खेती को बढ़ावा देने की बात कही। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश के 18 मंडलों में गोबर से खाद बनाने वाले कारखाने स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि छह गौवंश पालने पर किसानों को 6000 रुपये की सहायता और पशुशेड उपलब्ध कराया जाएगा।
किसानों को बीज किट और अनुदान वितरित
कार्यक्रम के दौरान किसानों को उड़द और मक्का के बीज किट वितरित किए गए। दो किसानों को ट्रैक्टर की प्रतीकात्मक चाबी और 24 लाख रुपये के अनुदान का चेक भी दिया गया। वहीं गेहूं फसल नुकसान पर 51 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति भी वितरित की गई।
