रविंद्र उठाता था मोबाइल से लेकर होटल का खर्च, पुलिस जांच में खुलासा, फर्जी आधार पर होटल बुकिंग, अब बढ़ेगी नई धाराएं
पाटनी परिवार की सुरक्षा बढ़ी, चौपुला पुल पर भी तैनात होगी गारद
बरेली : फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग मामले में गिरफ्तार शूटरों से पूछताछ में पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। विश्वसनीय सूत्रों की मानें, तो जांच में सामने आया है कि फायरिंग से पहले आरोपी जयपुर घूमने गए और आमेर किला देखा। इतना ही नहीं, वहां होटल बुकिंग और टिकट लेने के दौरान उन्होंने अपनी असल आईडी का इस्तेमाल किया, ताकि बाद में कानूनी बचाव कर सकें। पुलिस जांच में पता चला कि सभी पांच आरोपी 6 सितंबर को पहली बार बरेली पहुंचे थे। उन्होंने जंक्शन रोड के एक होटल में खाना खाया और रात वहीं रुके। 7 सितंबर को उन्होंने दिशा पाटनी के घर और आसपास के रास्तों की रेकी की। इसके बाद वे टैक्सी से जयपुर निकल गए।
जयपुर में की मौज-मस्ती
आरोपियों ने जयपुर के होटल में ठहरकर आमेर का किला और अन्य पर्यटन स्थलों की सैर की। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह यात्रा उनकी पूर्व योजना का हिस्सा थी। अगर घटना के बाद वे पकड़े भी जाते, तो जयपुर यात्रा को कानूनी बहाने के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति बनाई गई थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य शूटर रविंद्र, जिसका गोल्डी व रोहित बरार गैंग से सीधा जुड़ाव था, सभी खर्च का इंतजाम करता था। अरुण के कहने पर उसने ही बाकी शूटरों को 20–25 हजार रुपये देने का वादा किया था। यहां तक कि मोबाइल रिचार्ज और ठहरने का खर्च भी रविंद्र ही करता था।
फर्जी दस्तावेज और नए केस
स्थानीय होटलों में आरोपियों ने एडिटेड आधार कार्ड जमा किए थे। अब पुलिस ने उनके खिलाफ कूटरचित दस्तावेज (Fake Documents) की धारा भी जोड़ने की तैयारी की है। कोतवाल अमित पांडेय ने इसकी पुष्टि की।
सुरक्षा कड़ी, चौपुला पुल पर भी तैनात होगी गारद
रोहित गोदारा की आईडी से दोबारा धमकी आने के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। दिशा पाटनी के परिवार को पहले ही गनर और गारद दी जा चुकी है। अब पुलिस चौपुला पुल पर भी गारद तैनात करेगी, क्योंकि वहां से घर की सीधी रेकी संभव है। उधर, आरोपी अनिल ने पुलिस को बताया कि रविंद्र उसे “मामा” कहकर बुलाता था, क्योंकि उसने एक केस में रविंद्र की जमानत कराई थी। रविंद्र अक्सर पुलिस से बचने के लिए अनिल के गैराज में छिपकर रहता था। पुलिस से जुड़ी जांच के मामले में एसपी सिटी और सीओ फर्स्ट से भी The Justice HINDI ने बात करने की कोशिश की। मगर, फोन पर संपर्क नहीं हो सकी। हालांकि, इंस्पेक्टर कोतवाली अमित पांडे न बताया कि जांच चल रही है।
