बरेली : विशारतगंज थाना क्षेत्र स्थित मोहम्मदगंज गांव में सामूहिक नमाज को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के कुछ हिंदू परिवारों ने आरोप लगाया है कि हर जुम्मे को घर के अंदर अवैध रूप से सामूहिक नमाज अदा की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जिससे नाराज़गी बढ़ती गई। विरोध स्वरूप कुछ लोगों ने अपने घरों के बाहर “मकान बिकाऊ है” के पोस्टर भी लगाए हैं।
पहले भी सामने आ चुका है विवाद
ग्रामीणों के अनुसार, 16 जनवरी को भी इसी तरह घर के अंदर सामूहिक नमाज पढ़ने का मामला सामने आया था। उस समय पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। हाल ही में एक बार फिर कथित वीडियो सामने आने के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
मस्जिद न होने का दावा, गांव में बढ़ा तनाव
ग्रामीणों का कहना है कि मोहम्मदगंज गांव में मस्जिद नहीं है और पहले लोग नमाज के लिए पास के गांव जाया करते थे। आरोप है कि अब घरों में ही बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होकर नमाज पढ़ने से गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है।
शिकायत करने पर दबाव का आरोप, महिलाओं ने मांगी सुरक्षा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें ही दबाव में लिया जा रहा है। गांव की महिलाओं ने भी प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रशासन का पक्ष: संयुक्त टीम गठित, स्थिति नियंत्रण में
मामले को लेकर एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने स्पष्ट किया है कि विशारतगंज प्रकरण में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम सीओ और एसडीएम के नेतृत्व में काम कर रही है, जो दोनों पक्षों से बातचीत कर रही है और विधिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करेगी। एसपी साउथ ने कहा कि मौके पर शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है, पलायन जैसी कोई स्थिति नहीं है, हालांकि एहतियातन प्रशासन सतर्क दृष्टि बनाए हुए है।
