बरेली : विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मण्डलायुक्त (कमिश्नर) एवं रोल प्रेक्षक भूपेन्द्र एस. चौधरी ने की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है।
राजनीतिक दलों से संवाद और समन्वय पर जोर
कमिश्नर ने बताया कि समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक दलों, ईआरओ और निर्वाचन अधिकारियों के बीच आपसी संवाद और समन्वय की स्थिति को परखना था। समीक्षा में यह पाया गया कि सभी पक्षों के बीच बेहतर तालमेल बना हुआ है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की मनमानी या पक्षपातपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी।
फार्म 6, 7 और 8 की जानकारी नियमित देने की मांग
बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बूथवार फार्म 6, 7 और 8 की प्राप्त संख्या की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि वे अपने स्तर पर भी समीक्षा कर सकें। इस पर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह ने भरोसा दिलाया कि समस्त प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी है और सभी आवश्यक जानकारियां समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
नए मतदाताओं के नाम जोड़ने पर तेज़ी से काम
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एएसडी (ASD) सूची में जिन लोगों के फार्म भरने से रह गए हैं, तथा जो नवयुवा 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, उनके फार्म-6 भरवाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे।
अब तक 27 बैठकों का आयोजन, 1.78 लाख नोटिस तामील
उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने एसआईआर प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 16 दिसंबर 2025 तक ईआरओ द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कुल 27 बैठकें तथा जिला स्तर पर 5 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। एएसडी सूची सभी दलों के साथ साझा कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दावा -आपत्ति 6 फरवरी तक ली जाएंगी और 27 फरवरी तक जारी नोटिसों की सुनवाई की जाएगी। इसके लिए 133 एईआरओ तैनात किए गए हैं। अब तक 1 लाख 78 हजार से अधिक नोटिस लोगों को तामील कराए जा चुके हैं। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
डेटा त्रुटियों पर भी होगी सुनवाई
अधिकारियों ने बताया कि आयोग से 3 लाख 58 हजार से अधिक त्रुटिपूर्ण डेटा प्राप्त हुआ है। जिसमें एक व्यक्ति से कई लोगों की मैपिंग, नाम में त्रुटि तथा माता-पिता और बच्चों की उम्र में बेहद कम अंतर जैसी समस्याएं शामिल हैं। इन मामलों में भी नोटिस जारी किए जाएंगे, जिनकी सुनवाई के लिए 34 अतिरिक्त एईआरओ की तैनाती की जाएगी।
जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष बहादुर सिंह, समस्त ईआरओ, भाजपा जिलाध्यक्ष आंवला आदेश प्रताप सिंह, विधायक नवाबगंज डॉ. एम.पी. आर्य, विधायक कैंट संजीव अग्रवाल सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
