सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, प्रशासन अलर्ट, 500 से अधिक दुकानें सजी और हवन-पूजन से शुभारंभ
बरेली : यूपी के बरेली में गंगा दशहरा के पावन पर्व पर इस बार का चौबारी मेला अपने शताब्दी वर्ष में और भी भव्य रूप में दिखाई दे रहा है। 100 वर्षों की आस्था, संस्कृति और परंपरा का यह संगम आज रामगंगा तट पर अपनी पूरी दिव्यता के साथ नजर आया। भगवा छटा से सजे घाट, रोशनी से दमकते मेले के रास्ते और 500 से अधिक सजी दुकानों ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया। रविवार को मेले का विधिवत हवन, पूजन और गंगा महाआरती के साथ शुभारंभ किया गया। इस दौरान सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, डीएम अविनाश सिंह, एसपी सिटी मानुष पारीक, महापौर डॉ. उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी बहौरान लाल मौर्य समेत अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। उद्घाटन के दौरान कबूतर और गुब्बारे उड़ाकर शांति और सौहार्द का संदेश दिया गया।

चौबारी मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बरेली की पहचान
सांसद छत्रपाल गंगवार ने कहा “चौबारी मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, यह बरेली की पहचान है, हमारी लोक-संस्कृति की आत्मा है।” उन्होंने इस मौके पर राजनीतिक अंदाज में कहा- “जैसे गंगा की धारा निर्बाध बहती है, वैसे ही भाजपा की विचारधारा आगे बढ़ रही है। जल्द ही बिहार में भी भाजपा सरकार बनेगी।डीएम अविनाश सिंह ने बताया “चौबारी मेला 100 वर्ष पूरे कर चुका है। इसे रोहिलखंड का राष्ट्रीय मेला घोषित कराने के लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है।”
-सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यहां एक अस्थायी कोतवाली, 8 पुलिस चौकियाँ, PAC फोर्स तैनात
गोताखोर दल नदी किनारे मौजूद
वॉच टावर व बैरिकेडिंग सभी मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था घाटों पर हाईमास्ट लाइटें आदि की व्यवस्था की गई है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा- “सुरक्षा और व्यवस्था दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। श्रद्धालु निश्चिंत होकर मेले का आनंद ले सकते हैं।” डीएम विशेष निर्देश दिए कि इलेक्ट्रॉनिक झूलों की सुरक्षा जांच अनिवार्य है। मेले में 24 घंटे मेडिकल टीम मौजूद रहे। घाटों पर स्नान करते समय सावधानी बरतें
