बरेली : यूपी के बरेली में आरटीओ कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।भाजपा महानगर बरेली के निवर्तमान महामंत्री यतिन भाटिया ने परिवहन विभाग के आरआई हारुन सैफी के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि आरटीओ कार्यालय में आम जनता से सरकारी शुल्क से कई गुना अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई कामों के लिए जहां सरकारी फीस करीब एक हजार रुपये है, वहीं लोगों से पांच से दस हजार रुपये तक ‘सुविधा शुल्क’ के नाम पर मांगे जा रहे हैं। बिना पैसे दिए लोगों का।काम होना मुश्किल बताया जा रहा है। इससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राइवेट लोगों से वसूली का आरोप
यतिन भाटिया ने यह भी आरोप लगाया है कि कार्यालय में कुछ प्राइवेट लोगों को बैठाकर उनसे अवैध वसूली कराई जा रही है।शिकायत में रोहित सक्सेना नाम के एक व्यक्ति का जिक्र करते हुए कहा गया है कि वह आरआई के इशारे पर लोगों से पैसे लेने का काम करता है। आरोप है कि ऐसे कई निजी लोग दफ्तर में सक्रिय हैं और वही तय करते हैं कि किसकी फाइल आगे बढ़ेगी और किसे दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
फाइलों में निकाली जाती है कमियां
भाजपा नेता का यह भी आरोप है कि यदि कोई व्यक्ति रिश्वत देने से मना करता है तो उसकी फाइल में छोटी-छोटी कमियां निकालकर उसे बार-बार दफ्तर बुलाया जाता है।इससे न केवल आम लोग परेशान हो रहे हैं, बल्कि विभाग और सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है। इस मामले में एआरटीओ पीके सरोज का कहना है कि फिलहाल यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की कोई शिकायत मिली है तो उसकी जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
