BDA टीम की कार्रवाई से इलाके में मचा हड़कंप
26 सितंबर के बरेली बवाल के बाद प्रशासन ने कसा शिकंजा, लगातार हो रही कार्रवाई से मचा हड़कंप
बरेली : यूपी के बरेली में 26 सितंबर को हुए बरेली बवाल के बाद तथाकथित मौलाना तौकीर रजा के करीबियों पर पुलिस और प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
शनिवार को बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने बड़ी कार्रवाई कर मौलाना तौकीर रजा के करीबी बताए जाने वाले मोहम्मद आरिफ के शोरूम और करीब 18 दुकानों को सील कर दिया। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत 15 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
फ्लोरा गार्डन के पास चार मंजिला कॉम्प्लेक्स पर BDA की सीलिंग कार्रवाई
शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बीडीए का प्रवर्तन दल पीलीभीत रोड स्थित फ्लोरा गार्डन और फहम लान इलाके में पहुंचा। यहां स्थित चार मंजिला व्यावसायिक भवन को सीलिंग के लिए चिह्नित किया गया था।
भवन के भूतल पर ‘स्टार वर्ल्ड इंटीरियर डेकोरेटर’,पहली मंजिल पर कपड़ों के शोरूम, और तीसरी मंजिल पर ‘मैक ओवर सैलून’ संचालित हो रहे थे, जिन्हें सील कर दिया गया।
दूसरी मंजिल फिलहाल खाली पाई गई। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दुकानों में मौजूद कर्मचारियों और ग्राहकों को बाहर निकाला। करीब आधा घंटे तक चली सीलिंग कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जगतपुर मार्केट में भी 15 दुकानों पर ताला, व्यापारियों में हड़कंप
पहली कार्रवाई के बाद बीडीए की टीम जगतपुर स्थित मोहम्मद आरिफ की दो मंजिला मार्केट पर पहुंची। यहां सभी दुकानों में व्यापारिक गतिविधियां जारी थीं। टीम को देखते ही दुकानदारों और ग्राहकों में अफरातफरी मच गई। अधिकारियों ने सभी दुकानों को खाली करवाकर 15 दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की।
अब तक 5 संपत्तियों पर प्रशासन का ताला
सूत्रों के अनुसार, बीडीए की शनिवार की कार्रवाई में कुल 18 दुकानों को सील किया गया। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 15 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। इससे पहले, मोहम्मद आरिफ के ‘फहम लान’ बरातघर, ‘फ्लोरा गार्डन’, और उनकी पत्नी के स्वामित्व वाला ‘होटल स्काई लार्क’ पहले ही सील किए जा चुके हैं। इस तरह मोहम्मद आरिफ की पांचवीं बड़ी संपत्ति भी प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आ चुकी है। इसके साथ ही आइएमसी प्रवक्ता डॉक्टर नफीस का शादी हाल बुल्डोजर से ध्वस्त हो चुका है, तो वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम की 4 दुकान, फरहत का मकान, शराफत का शादी हाल समेत कई निर्माणों को सील किया जा चुका है।
प्रशासन का सख्त रुख- “अवैध संपत्तियों पर किसी को नहीं मिलेगी राहत”

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई बरेली पुलिस, नगर निगम और बीडीए की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अधिकारियों ने साफ संदेश दिया है कि “अवैध निर्माण, अतिक्रमण और नियमों के उल्लंघन पर किसी भी स्तर पर राहत नहीं दी जाएगी।” 26 सितंबर को हुए बरेली बवाल के बाद
मौलाना तौकीर रजा के करीबी नेताओं और समर्थकों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज़ हो रही है। पुलिस और बीडीए के अफसरों की संयुक्त टीम हर उस संपत्ति पर कार्रवाई कर रही है जो अवैध या विवादित पाई जा रही है।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज़
इस कार्रवाई के बाद बरेली के राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। कई लोगों ने प्रशासन की सख्ती को “कानून का राज” बताया है, तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि सिर्फ चुनिंदा लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
हालांकि बीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है और किसी के खिलाफ “व्यक्तिगत आधार” पर नहीं।
