बरेली : नबीरा-ए-आला हज़रत और ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी (आरएसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने फ़तेहपुर में हुए मक़बरे पर हमले को “मुसलमानों पर ज़ुल्म” और “वोट चोरी से ध्यान भटकाने की सियासी साज़िश” बताया। उन्होंने कहा कि यह षड्यंत्र एक तीर से दो निशाने लगाने की कोशिश है। उन्होंने कहा पहला शांति भंग कर के सांप्रदायिक तनाव फैलाना, और दूसरा वोटों पर डाका डालने की कार्रवाई को नफ़रत के धुएं में छुपाना
आरएसी प्रमुख ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
मौलाना अदनान रज़ा ने कहा कि इस हमले को सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे देश के नागरिकों के खिलाफ समझा जाना चाहिए। उनके अनुसार, मक़बरे पर हमला करवाने वालों का असली मक़सद हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़काना और उसका सियासी फायदा उठाना था। उन्होंने पुलिस, प्रशासन और न्यायपालिका से मांग की कि ऐसे दुस्साहसियों पर सख़्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक स्थलों पर हमला करने की जुर्रत न कर सके।
वोट अधिकार पर फोकस
उन्होंने दावा किया कि फ़तेहपुर की घटना का दूसरा पहलू “वोट चोरी” है “लाखों मुसलमानों के वोट काटे जाना लोकतांत्रिक अधिकार की डकैती है,” मौलाना ने कहा, साथ ही अपील की कि लोग अपने-अपने इलाके की वोटर लिस्ट चेक करें और अगर कहीं धांधली हो रही है, तो उसका विरोध करें।
चुनाव आयोग को दी चेतावनी
मौलाना अदनान रज़ा ने चुनाव आयोग से कहा- “वक़्त हमेशा एक सा नहीं रहता। जिनके इशारे पर आप आज धांधली कर रहे हैं, कल वही सत्ता से बाहर भी हो सकते हैं।”उन्होंने साफ किया कि आरएसी इस मामले पर सड़क से संसद तक आवाज़ उठाएगी।
