बरेली : शहर के बारादरी थाना क्षेत्र स्थित कुतुबशाह की दरगाह के पास उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक मकान की छत पर बने कबूतरखाने में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसमें फंसे कई कबूतर जिंदा जल गए, जबकि कुछ को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। जानकारी के अनुसार, यह हादसा दरगाह के पास रहने वाले उवैश के मकान में हुआ। मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कबूतरों के दड़बे में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे कबूतरखाने को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुआं उठता देख आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
स्थानीय लोगों ने खुद संभाला मोर्चा
आग लगने की सूचना मिलते ही मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए और पानी तथा अन्य संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों और मकान मालिक की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक कई दर्जन कबूतरों की मौत हो चुकी थी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के दौरान कबूतर दड़बे में फंस गए थे, और बाहर नहीं निकल सके। इस वजह से बड़ी संख्या में पक्षियों की जान चली गई। घटना ने पशु-पक्षी प्रेमियों को भी भावुक कर दिया।
तंग गली होने से नहीं पहुंची दमकल
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर आग लगी, वहां पहुंचने का रास्ता बेहद संकरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने के बाद उन्होंने स्वयं ही स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और दमकल विभाग को सूचना नहीं दी। इसी कारण फायर ब्रिगेड की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची।
पुलिस ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
इस घटना की जानकारी मिलने पर बारादरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उधर, फायर स्टेशन अधिकारी (एफएसओ) संजीव कुमार ने बताया कि आग लगने की कोई सूचना फायर कंट्रोल रूम को नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा।
जांच के बाद सामने आएगी आग की असली वजह
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की पड़ताल में जुटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग कुछ देर और फैलती तो आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता था। समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन कई बेजुबान कबूतरों की जान नहीं बचाई जा सकी।
फिलहाल घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, और लोग आग लगने के वास्तविक कारणों को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं।
