ट्रामा सेंटर, सर्जन तैनाती और भुगतान में देरी पर अफसरों को फटकार, फार्मर रजिस्ट्री से लेकर सड़क और स्वास्थ्य तक, हर विभाग की कड़ी समीक्षा
बरेली : बरेली मंडल की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत मिले हैं। 300 बेड वाले अस्पताल को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। मंगलवार को विकास भवन में हुई मण्डलीय समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे कमिश्नर भूपेन्द्र एस. चौधरी सख्त तेवर में नजर आए और स्पष्ट कर दिया कि अब योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 300 बेडेड अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर चलाने को लेकर 10 फरवरी को विस्तृत मंथन के लिए अलग बैठक बुलाई गई है।
योजनाओं में ढिलाई पर फटकार, बेहतर काम पर सराहना

कमिश्नर ने विभागवार प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, छात्रवृत्ति और बड़े निर्माण कार्यों पर विशेष फोकस किया। जहां कार्य संतोषजनक मिला वहां अधिकारियों की सराहना की गई, वहीं सुस्ती और लापरवाही पर सीधे जवाब तलब किए गए। उन्होंने साफ कहा कि विकास योजनाओं में देरी और उदासीनता पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
फार्मर रजिस्ट्री पर नाराजगी, तीन दिन का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान कृषि विभाग की फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताई। कर्मचारियों के भुगतान अटकने की जानकारी पर उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तीन दिन के भीतर सभी कर्मियों के खातों में भुगतान पहुंचना चाहिए।पूर्व दशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति का लंबित डाटा 9 फरवरी तक हर हाल में अपडेट करने के निर्देश दिए गए, ताकि छात्रों को समय पर लाभ मिल सके।
हर जिले में आर्थोपेडिक सर्जन, ट्रामा सेंटर नेटवर्क होगा मजबूत
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कमिश्नर ने ट्रामा सेंटर और क्रिटिकल कॉरिडोर योजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बरेली और पीलीभीत में 10-10 ट्रामा सेंटर,बदायूं और शाहजहांपुर में 8-8 सेंटर प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही हर जिले में कम से कम एक आर्थोपेडिक सर्जन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। ब्लैक स्पॉट्स पर एएलएस एंबुलेंस तैनात करने और अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के आयुष्मान कार्ड तेजी से बनाने पर भी जोर दिया गया।
300 बेड अस्पताल पीपीपी मॉडल पर, 10 फरवरी को बड़ा फैसला संभव
बैठक में 300 बेडेड अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने के प्रस्ताव पर गहन चर्चा हुई। कमिश्नर ने कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाएं और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। इस मुद्दे पर 10 फरवरी को विस्तृत बैठक बुलाकर सभी पहलुओं पर मंथन किया जाएगा।बदायूं-दातागंज सड़क पर गड्ढे भरने के आदेश,साइनेज अनिवार्य, बदायूं -दातागंज मार्ग की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठते ही कमिश्नर ने तुरंत गड्ढे भरवाने के निर्देश दिए। बहेड़ी, चौबारी, दातागंज समेत प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त साइनेज लगाने को कहा गया, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।

200 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं- इज्जतनगर सैटेलाइट बस स्टेशन नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, सेतु निर्माण, की प्रगति की समीक्षा की गई। निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सुबह 10 से 12 जनसुनवाई अनिवार्य, कोई बैठक नहीं
आईजीआरएस और राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने स्पष्ट आदेश दिए कि हर अधिकारी सुबह 10 से 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करेगा। इस समय कोई भी बैठक आयोजित नहीं की जाएगी। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन और लंबाई मापने की मशीनों की कमी दूर करने और प्रशिक्षण समय पर पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के जिलाधिकारी सहित मंडल स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कमिश्नर ने साफ संदेश दिया कि विकास, स्वास्थ्य और जनसेवा में लापरवाही पर अब सीधी कार्रवाई होगी।
