प्रशासन का सख्त कदम, पांच से ज्यादा लोगों की भीड़ पर रोक
बरेली : आगामी त्योहारों और परीक्षाओं को देखते हुए बरेली प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाया है। डीएम अविनाश सिंह ने जिले में बीएनएस की धारा-163 (निषेधाज्ञा) लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत अब जिले के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर कार्रवाई की जाएगी।
शांति भंग होने के इनपुट के बाद फैसला
जिलाधिकारी ने मीडिया को बताया कि प्रशासन को विभिन्न स्रोतों से इनपुट मिले थे कि कुछ असामाजिक और जनविरोधी तत्व महाशिवरात्रि, होलिका दहन, शब-ए-बरात और अन्य आयोजनों के दौरान द्वेष, वैमनस्य और तनाव का माहौल पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।इससे लोकशांति भंग होने की आशंका को देखते हुए निषेधाज्ञा लागू करना आवश्यक समझा गया।
जुलूस, धरना-प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध
धारा-163 के तहत जिले में सभी प्रकार के जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सामूहिक आयोजन प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर भीड़ इकट्ठा करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, यह प्रतिबंध सरकारी कार्यालयों और अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे सरकारी कर्मियों पर लागू नहीं होगा।
लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर सख्ती
डीएम के आदेश के अनुसार अब कोई भी व्यक्ति सक्षम मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र नहीं बजा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर
प्रशासन ने साफ किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील-सहयोग करें, शांति बनाए रखें
डीएम अविनाश सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले की शांति और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
धारा-163 लागू होने के बाद बरेली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
