फीस में 1200 से 2000 रुपये तक बढ़ोतरी का छात्रों का दावा, नगर निगम टैक्स और वोकेशनल समेत कई मदों पर उठाए सवाल
बरेली : बरेली कॉलेज में फीस वृद्धि का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बढ़ी हुई फीस के विरोध में समाजवादी पार्टी छात्र सभा ने सोमवार को कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय के सामने हस्ताक्षर अभियान चलाया। छात्र नेताओं ने छात्रों से हस्ताक्षर कराकर फीस वृद्धि वापस लेने की मांग उठाई और कॉलेज प्रशासन से फीस बढ़ाने के आधार तथा अलग-अलग मदों का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। छात्र नेताओं का आरोप है कि कॉलेज की फीस में अलग-अलग मदों को जोड़कर करीब 1200 से 2000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इसमें नगर निगम टैक्स, वोकेशनल और अन्य मद शामिल किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, फीस वृद्धि को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया गया है, यह इस विरोध प्रदर्शन के दौरान स्पष्ट नहीं हो सका
हस्ताक्षर अभियान के जरिए जुटाया छात्रों का समर्थन
सोमवार को समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने प्राचार्य कार्यालय के सामने बोर्ड लगाकर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों से फीस वृद्धि के विरोध में हस्ताक्षर कराए गए।छात्र नेताओं का कहना है कि बरेली कॉलेज में बड़ी संख्या में गरीब, किसान, मजदूर और सामान्य परिवारों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। ऐसे में अचानक फीस में बढ़ोतरी होने से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
फीस बढ़ोतरी पर मांगा स्पष्ट जवाब
छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन से सवाल किया कि फीस में जिन मदों को जोड़ा गया है। उनकी स्पष्ट जानकारी छात्रों को क्यों नहीं दी जा रही है। उनका कहना है कि फीस वृद्धि के पीछे कौन -सा आदेश, प्रस्ताव या प्रक्रिया अपनाई गई। इसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। एमए इकोनॉमिक्स के छात्र जावेद गद्दी ने दावा किया कि अलग-अलग मदों के नाम पर फीस में करीब 1200 से 1500 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने वोकेशनल, नगर निगम टैक्स और अन्य मदों का उल्लेख करते हुए फीस वृद्धि की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि फीस बढ़ाने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
अनीस बेग बोले- गरीब परिवारों के छात्रों पर पड़ेगा असर
सपा नेता डॉ. अनीस बेग ने भी फीस वृद्धि का विरोध किया उन्होंने कहा कि बरेली कॉलेज में किसान, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे बड़ी संख्या में शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में फीस बढ़ोतरी का सीधा असर इन विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। उन्होंने कॉलेज में शिक्षा के स्तर में गिरावट का भी मुद्दा उठाया और कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।
कॉलेज बंद कराने और आंदोलन की चेतावनी
छात्र नेता रवि पंडित ने कहा कि फीस वृद्धि का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन छात्रों को अब तक अपेक्षित जवाब नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि फीस बढ़ाने के संबंध में विश्वविद्यालय स्तर की स्पष्ट अनुमति या संस्तुति भी सामने नहीं रखी गई है। रवि पंडित ने चेतावनी दी कि यदि बढ़ी हुई फीस वापस नहीं ली गई तो छात्र आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के बाद कॉलेज बंद कराने और विरोध प्रदर्शन जैसे कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फीस वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए।
1200 की फीस बढ़कर ₹3800 होने का दावा
समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव कुर्मी हरेंद्र सिंह कन्नौजिया ने दावा किया कि कुछ विद्यार्थियों की फीस करीब 1200 रुपये से बढ़ाकर 3800 रुपये तक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बरेली कॉलेज में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी बड़ी संख्या में पढ़ते हैं, इसलिए फीस बढ़ोतरी का असर सीधे उनकी शिक्षा पर पड़ेगा। हालांकि, फीस में इस स्तर की बढ़ोतरी से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि और कॉलेज प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
अतिरिक्त फीस जमा करने वाले छात्रों की रकम वापस की मांग
छात्र नेताओं की प्रमुख मांगों में बढ़ी हुई फीस को तत्काल वापस लेना और जिन विद्यार्थियों ने बढ़ी हुई फीस जमा कर दी है, उनकी अतिरिक्त राशि वापस करना शामिल है। छात्र नेताओं का कहना है कि फीस वृद्धि को लेकर कॉलेज प्रशासन से पहले भी बातचीत हो चुकी है और आगे भी वार्ता प्रस्तावित है। यदि बातचीत से समाधान नहीं निकलता है तो क्रमिक आंदोलन के बाद भूख हड़ताल और अनशन जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
महिला सभा ने भी जताया विरोध
समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष स्मिता यादव ने भी फीस वृद्धि का विरोध किया उन्होंने कहा कि वह स्वयं बरेली कॉलेज की छात्रा रह चुकी हैं और उनके समय में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी यहां आसानी से पढ़ाई करते थे।उन्होंने कहा कि फीस बढ़ोतरी से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है और यदि फीस कम नहीं की गई तो छात्र अपने स्तर पर आंदोलन करेंगे।
अब कॉलेज प्रशासन के जवाब पर टिकी नजर
फिलहाल बरेली कॉलेज में फीस वृद्धि को लेकर छात्रों का विरोध जारी है। समाजवादी छात्र सभा ने हस्ताक्षर अभियान के जरिए छात्रों का समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। छात्र नेताओं ने फीस वृद्धि वापस लेने, अतिरिक्त फीस की राशि लौटाने और फीस बढ़ाने की प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की है। वहीं, इस पूरे मामले में बरेली कॉलेज प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और फीस वृद्धि से संबंधित आदेश/प्रस्ताव सामने आना महत्वपूर्ण होगा। अब निगाहें छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच होने वाली अगली वार्ता पर हैं। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो छात्र संगठनों की ओर से आंदोलन तेज किए जाने की संभावना है।
