बरेली : समाजवादी पार्टी के आंवला सांसद नीरज मौर्य ने आगामी संसद के मानसून सत्र को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। बरेली के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले सत्र में रोजगार, किसानों की समस्याएं, शिक्षा, महंगाई, भ्रष्टाचार और बरेली से जुड़े अहम मुद्दों को जोरदार तरीके से संसद में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा और जनहित के मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी।
सरकारी स्कूलों, युवाओं और सोनम वांगचुक के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेंगे
नीरज मौर्य ने कहा कि सरकारी स्कूलों में लगातार गिरते शिक्षा स्तर और कम होते दाखिलों का मामला संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने शिक्षक भर्ती, टीईटी की अनिवार्यता और नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को भी युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। इसके अलावा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली से हटाए जाने के मामले पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा कि आखिर ऐसी कार्रवाई क्यों की गई।
किसानों की खाद, एमएसपी और कर्जमाफी समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
सांसद ने कहा कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिलना, फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा न मिलना, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी और खेती की बढ़ती लागत जैसे मुद्दे सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर संसद में सरकार को जवाबदेह बनाया जाएगा। इसके साथ ही महंगाई, बेरोजगारी, थानों और तहसीलों में भ्रष्टाचार, चुनावी पारदर्शिता तथा राम मंदिर परिसर में हुई कथित चोरी जैसे मुद्दे भी उठाए जाएंगे।
बरेली के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी रहेगा फोकस
नीरज मौर्य ने कहा कि संसद में सिर्फ राष्ट्रीय नहीं बल्कि बरेली और आंवला क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों को भी मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, लंबे समय से बंद पड़ी रबर फैक्ट्री को दोबारा शुरू कराने, 300 बेड अस्पताल को पूरी क्षमता से संचालित करने और बरेली में एम्स की स्थापना की मांग को प्रमुखता से उठाने की बात कही। उनका कहना था कि इन मांगों को लेकर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रहेगा।
