उझानी-कछला मार्ग पर दर्दनाक हादसा, तीन घायल मेडिकल कॉलेज में भर्ती; फरार चालकों की तलाश में जुटी पुलिस
बदायूं : बदायूं जिले के उझानी कोतवाली क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में छह महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो ट्रैक्टर चालकों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
हाईवे पर ट्रैक्टरों की कथित रेस के दौरान हादसा
जानकारी के मुताबिक कछला और उझानी के बीच फूलपुर क्षेत्र में दोपहर के समय हाईवे पर दो ट्रैक्टर तेज रफ्तार में चल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ट्रैक्टर चालक एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एक ई-रिक्शा उनकी चपेट में आ गया।
टक्कर से ई-रिक्शा के उड़े परखच्चे
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें सवार महिलाएं और अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
छह महिलाओं की मौत, तीन घायल
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने छह महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। हादसे में ई-रिक्शा चालक सनी (32 वर्ष), डाल सिंह (58 वर्ष) समेत तीन लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
हादसे के बाद फरार हुए चालक
घटना के बाद एक ट्रैक्टर चालक अपना वाहन लेकर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरा चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को घटनास्थल पर छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने मौके पर छोड़े गए ट्रैक्टर और ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है।
डीएम और एसएसपी ने लिया घटनास्थल का जायजा
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर पहुंचे तथा अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। प्रशासन ने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश
पुलिस ने दोनों ट्रैक्टर चालकों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और हाईवे पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
