बदायूं : उसावां थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां जंगल में लकड़ियां बीनने गई एक बुजुर्ग महिला को आवारा सांड़ ने बेरहमी से मार डाला। यह घटना गांव गूरा बरेला की है। गांव निवासी 70 वर्षीय प्रेमवती रविवार को घर से अकेले सूखी लकड़ियां बीनने के लिए जंगल की ओर गई थीं। इसी दौरान वहां पहले से घूम रहे एक आवारा सांड़ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सांड़ ने महिला को कई बार जमीन पर पटक दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की भयावहता यहीं खत्म नहीं हुई। सांड़ बुजुर्ग महिला के शव के ऊपर ही बैठ गया और करीब दो घंटे तक वहीं डटा रहा। इस दौरान कोई भी ग्रामीण डर के कारण शव के पास नहीं जा सका। कुछ ग्रामीणों ने दूर से यह मंजर देखा और तुरंत गांव में सूचना दी। थोड़ी ही देर में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और लाठियों के सहारे सांड़ को भगाने की कोशिश की, लेकिन सांड़ टस से मस नहीं हुआ।
आखिरकार ग्राम प्रधान के ट्रैक्टर की मदद ली गई। ट्रैक्टर के साथ हल्ला मचाते हुए ग्रामीण आगे बढ़े, तब कहीं जाकर सांड़ वहां से भागा। इसके बाद ग्रामीण महिला के शव के पास पहुंच सके। घटना की सूचना मिलते ही उसावां थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. समदर्शी सरोज ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जानकारी ली।
घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा सांड़ और अन्य छुट्टा पशु आतंक मचाए हुए हैं, लेकिन प्रशासन और पशुपालन विभाग इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। सीवीओ द्वारा जल्द ही सांड़ को पकड़वाने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा कुछ शांत हुआ। मृतका प्रेमवती के परिवार में दो बेटे हैं। बड़े बेटे राजवीर कश्यप ने बताया कि उनकी मां रोज की तरह सूखी लकड़ियां लेने की बात कहकर घर से निकली थीं। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर होगा। गांववालों का कहना है कि खेती-किसानी करने वाले लोग और ग्रामीण लगातार छुट्टा पशुओं के हमलों का शिकार हो रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक बदायूं जिले में चार सौ से अधिक आवारा सांड़ सड़कों और खेतों में खुलेआम घूम रहे हैं। पशुपालन विभाग का दावा है कि नवंबर से अब तक 72 सांड़ों को पकड़कर बधिया किया गया और गो-आश्रय स्थलों में रखा गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कुंवरगांव, बिसौली, वजीरगंज, सहसवान, दातागंज, उसहैत और उसावां जैसे इलाकों में सांड़ों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक ग्रामीण आवारा पशुओं के कारण अपनी जान गंवाते रहेंगे और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब निकलेगा।
