रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की वाई कैटेगरी सुरक्षा जेल से रिहा होने के बाद बहाल कर दी गई है। शुक्रवार शाम को रामपुर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बहाल करने का लिखित आदेश जारी किया। शनिवार सुबह से आजम खान के आवास पर एक जिप्सी और सात सशस्त्र पुलिस कर्मी तैनात हैं। इनमें चार गार्ड घर की सुरक्षा संभालेंगे और तीन गार्ड हर वक्त उनके साथ रहेंगे।
20 दिन पहले आजम खान सीतापुर जेल से रिहा हुए थे। लगभग 23 महीने तक जेल में बंद रहने के दौरान उनकी सुरक्षा सस्पेंड की गई थी। जेल से रिहाई के बाद आजम खान अपने पैतृक आवास रामपुर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। जेल से बाहर आने के बाद रामपुर में उनके घर पर मिलने वालों का तांता लगा हुआ है। इस दौरान अखिलेश यादव, स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई बड़े नेता उनके घर पहुंचे।
रामपुर पुलिस के रिजर्व इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि आजम खान की सुरक्षा बहाल करना प्रशासन के लिए चुनौती थी, क्योंकि जेल से रिहाई के बाद घर और आसपास भीड़ जुटी रहती है। उन्होंने कहा, “जेल जाने से पहले आजम खान के पास वाई प्लस कैटेगरी सुरक्षा थी। जेल जाने के बाद यह स्वतः सस्पेंड हो गई थी, लेकिन रिहाई के साथ सुरक्षा पुनः बहाल कर दी गई है।”
जानकारी के अनुसार, आजम खान के खिलाफ 104 मुकदमे दर्ज हैं। जेल से बाहर आने पर वे करीब 100 कारों की कारवां के साथ रामपुर पहुंचे। सुरक्षा बहाल करने के साथ प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि अभ्यर्थियों और आम लोगों की तरह आजम खान और उनके परिवार की सुरक्षा भी पूरी तरह मुस्तैद रहे।
सुरक्षा नियम और प्रक्रिया
नियमों के अनुसार, किसी व्यक्ति को जो सुरक्षा प्राप्त है और जेल जाता है, उसकी सुरक्षा स्वतः सस्पेंड हो जाती है। जेल से रिहाई के बाद सुरक्षा पुनः बहाल की जाती है। यह प्रक्रिया एसपी स्तर से लागू होती है। आजम खान की सुरक्षा में वाई और वाई प्लस श्रेणी के गार्ड तैनात होते हैं, जिनका काम सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की घटना को रोकना है।
पूर्व में आजम खान की सुरक्षा अदालत में दोषी ठहराए जाने और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द होने के बाद हटा दी गई थी। बाद में कुछ समय के लिए इसे बहाल किया गया, लेकिन जेल भेजे जाने पर सुरक्षा वापस सस्पेंड कर दी गई। अब उनकी रिहाई के साथ यह सुरक्षा दोबारा लागू हो गई है।
रामपुर में आजम खान के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रशासन ने सीसीटीवी निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। इसके साथ ही सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अप्रत्याशित घटना या भीड़-भाड़ की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाए।
इस प्रकार आजम खान की जेल से रिहाई और सुरक्षा बहाली ने रामपुर और बरेली में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के समर्थक और स्थानीय लोग लगातार आजम खान से मिलने उनके आवास पर पहुंच रहे हैं, जिससे सुरक्षा की अहमियत और बढ़ गई है।
