ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार को घेरा,आगे बढ़ना है, तो बताया साइकिल ही विकल्प
लखनऊ : देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है।तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये की बढ़ोतरी किए जाने के बाद अखिलेश यादव ने लिखा, “पहले ही कहा था… साइकिल से बेहतर कुछ नहीं।
आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।
उनके इस बयान को बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों पर सरकार को घेरने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। देश के कई बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, भोपाल और रायपुर समेत अन्य महानगरों में पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गए हैं। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। परिवहन खर्च बढ़ने के साथ ही रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
क्या विभागों की पर्ची भी ऊपर से आएगी?”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में हो रही देरी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “उप्र में मंत्रियों के नाम के बाद, अब क्या उनके विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी?”सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की वजह विभागों की “कमीशन-कमाई” को लेकर अंदरूनी खींचतान है।
नए मंत्री सिर्फ दर्शक
उन्होंने कहा कि नए मंत्री सिर्फ दर्शक बने हुए हैं और भाजपा का “डबल इंजन” बाकी मंत्रियों को दबाकर रखता है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब मंत्रियों के कामकाज और विभागों पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और सिटिजन जर्नलिज्म के जरिए भ्रष्टाचार से जुड़े सबूत जुटाए जाएंगे और जनता टैक्स के पैसों की कथित लूट को रोकने का काम करेगी।
बिजली व्यवस्था पर अखिलेश यादव का तंज, बोले-मीटर ही गड़बड़ है..
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तंज कसा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, “जब बिजली का मीटर ही गड़बड़ है, तो फिर मीटर रीडर से क्या अपेक्षा की जाए।अखिलेश यादव के इस बयान को प्रदेश में बिजली बिल, मीटरिंग व्यवस्था और उपभोक्ताओं की शिकायतों से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष लगातार बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और बिलिंग व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरता रहा है।
