सपा प्रमुख बोले- 22 परीक्षाओं में 11,514 आरक्षित पदों पर गड़बड़ी, सत्ता में आए तो 90 दिन में करेंगे न्याय, टॉप-100 कंपनियों में भारत की कोई नहीं…
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा सरकार पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने और संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए बड़ा हमला बोला। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने “PDA Audit Report” नामक दस्तावेज जारी किया और दावा किया कि प्रदेश में आरक्षण के अधिकारों के साथ व्यापक स्तर पर अन्याय हुआ है।सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि 22 भर्ती परीक्षाओं में 11,514 से अधिक आरक्षित पदों पर कथित गड़बड़ी हुई है और पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक वर्गों को उनका संवैधानिक हक नहीं दिया गया।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण युवाओं और अभ्यर्थियों को अपने अधिकारों के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।

“संविधान बचाने की लड़ाई है PDA आंदोलन”
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने जून 2023 में “PDA” शब्द दिया था, जिसका अर्थ है “पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक”, उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और संविधान बचाने का आंदोलन बताते हुए कहा कि देश के 95 प्रतिशत पीड़ित, वंचित और अपमानित लोग PDA के दायरे में आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “वर्चस्ववादी ताकतें” आरक्षण को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं और “NFS यानी Not Found Suitable” जैसे तरीकों से आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को बाहर कर अपने विचारधारा के लोगों को पीछे के रास्ते से नौकरी दिलाई जा रही है।सपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर संविधान के तहत मिले अधिकारों को लागू कराने के लिए लोगों को कोर्ट जाना पड़े, तो यह सरकार की पक्षपातपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “जो सरकार पक्षपात करती है, वह जनता के साथ विश्वासघात भी करती है।

“आरक्षण भिक्षा नहीं, सामाजिक न्याय का अधिकार”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि आरक्षण कोई दया या भिक्षा नहीं, बल्कि सामाजिक बराबरी स्थापित करने का संवैधानिक माध्यम है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब B. R.Ambedkar द्वारा दी गई व्यवस्था 2014 तक सही तरीके से लागू होती रही, लेकिन उसके बाद आरक्षण को कमजोर करने की कोशिशें शुरू हो गईं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार यदि बुलडोजर चलाना चाहती है, तो उसे असमानता की खाई पाटने और सभी वर्गों को उनका उचित आरक्षण दिलाने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।

69 हजार शिक्षक भर्ती पर भी सरकार को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यदि प्रदेश में उनकी सरकार बनती है, तो 90 दिनों के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आरक्षण की “लूट” को सुधारा जाएगा और महिलाओं समेत वंचित वर्गों को उनका अधिकार दिलाया जाएगा।
2027 चुनाव के लिए PDA फार्मूले पर जोर
उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी प्रदेश की सभी 403 सीटों पर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि हर बूथ पर पांच वोट बढ़ाने का लक्ष्य लेकर काम करें, ताकि भाजपा को सत्ता से बाहर किया जा सके।उन्होंने कहा, “यह सिर्फ किसी दल की सरकार बनाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि PDA समुदाय की सरकार बनाने का आंदोलन है।” अखिलेश यादव ने दावा किया कि PDA आंदोलन सामाजिक न्याय, समान अवसर और संविधान की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
इस दौरान सपा के वरिष्ठ नेता, सांसद और प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे। शिवपाल यादव ने भाजपा सरकार को “बेईमान और लुटेरी” बताते हुए कहा कि जनता आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
टॉप-100 कंपनियों के मुद्दे पर अखिलेश का BJP पर हमला
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि दुनिया की टॉप-100 कंपनियों की सूची में अब भारत की कोई कंपनी नहीं बची है। अखिलेश ने भाजपा की आर्थिक नीतियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और जीएसटी व्यवस्था से व्यापार और उद्योग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने MSME, छोटे दुकानदारों और व्यापारियों की स्थिति खराब होने का भी आरोप लगाया। पोस्ट के अंत में उन्होंने नारा दिया- “भाजपा हटाओ, अर्थव्यवस्था

इकरा हसन के वीडियो पर गरमाई सियासत, अखिलेश यादव ने BJP और पुलिस पर साधा निशाना
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने सांसद इकरा हसन के वीडियो को शेयर करते हुए भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा की “भ्रष्टपुतली” बन गई है और अन्याय में भागीदार की भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि PDA समाज अब “जुल्म-ज्यादती” के आगे न रुकेगा और न झुकेगा। सपा प्रमुख ने महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि जो लोग महिला आरक्षण की बात करते हैं, वही एक महिला सांसद के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी की मांग की है।
