इटावा : सैफई में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की तीसरी पुण्यतिथि पर भावुक माहौल देखने को मिला। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, परिवार के सदस्य और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता ‘नेताजी’ को श्रद्धांजलि देने सैफई पहुंचे। इस दौरान मंच पर करीब 50 नेता मौजूद रहे। अखिलेश यादव के बगल में प्रो. रामगोपाल यादव और रामजी लाल सुमन बैठे थे, जबकि शिवपाल यादव सुमन के बगल में नजर आए। सपा सांसद डिंपल यादव अपने देवर धर्मेंद्र यादव के पास बैठीं।
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सभा स्थल पर समाजवादी कार्यकर्ताओं का भारी उत्साह देखने को मिला। मुलायम समर्थकों ने अपने नेता के नारे लगाए और उन्हें याद करते हुए आंखें नम कर लीं। कुछ समर्थक तो नेताजी के प्रति अपनी श्रद्धा दिखाने के लिए अनोखे तरीके भी अपनाते नजर आए — एक समर्थक लखनऊ से साइकिल चलाकर सैफई पहुंचा, जो अखिलेश यादव से मिलने के लिए मंच तक पहुंच गया। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया। वहीं कुछ समर्थक टेंट पर चढ़ गए और मंच के पास पहुंचने की कोशिश करते रहे।
अखिलेश बोले , ‘संविधान की रक्षा हमारा कर्तव्य’
इस मौके पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हम सभी नेताजी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। संविधान की रक्षा के लिए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। समाजवादी संविधान को ‘संजीवनी’ मानते हैं और इसकी रक्षा करना हमारा धर्म है।”
अखिलेश ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज लोकतंत्र और संविधान पर खतरा मंडरा रहा है कि सरकार संविधान को खत्म करने की साजिश कर रही है। वे तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन हम उन सभी ताकतों को परास्त करेंगे जो सामाजिक न्याय की विचारधारा को खत्म करना चाहती हैं। हम, पीडीए, एक हैं और हम अपने सम्मान और गरिमा के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
रामगोपाल यादव बोले , ‘2027 में यूपी और 2029 में दिल्ली बदलेगी सरकार’
सभा में सपा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने भी नेताजी को याद करते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव ने ऐसे लोगों को आगे बढ़ाया जो राजनीति से अनजान थे। जिन्होंने दिल्ली का रास्ता तक नहीं देखा था, उन्हें सांसद बनाया। जो लखनऊ नहीं जानते थे, उन्हें विधायक बनाकर भेजा।
उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास में जनता पर इतना अत्याचार कभी नहीं हुआ, जितना आज हो रहा है। 2027 में हम इस सरकार को उखाड़ फेंकेंगे और 2029 में दिल्ली की सत्ता भी बदल जाएगी।
मुलायम सिंह यादव पांच दशक की राजनीति के सिरमौर
बता दें कि मुलायम सिंह यादव का निधन 10 अक्टूबर 2022 को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हुआ था। पहलवानी से राजनीति तक का उनका सफर प्रेरणादायक रहा।
1967 में 28 वर्ष की उम्र में पहली बार जसवंतनगर से विधायक बने।
1989 में पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, और दो बार फिर इस पद पर रहे।
केंद्र की देवगौड़ा और गुजराल सरकार में रक्षा मंत्री रहे।
नेताजी 7 बार सांसद और 9 बार विधायक चुने गए।
सैफई में आज उनकी याद में पूरा यादव परिवार एकजुट दिखाई दिया। श्रद्धांजलि सभा में “नेताजी अमर रहें” के नारों के बीच भावनात्मक माहौल रहा। अखिलेश यादव ने कहा कि वे नेताजी के दिखाए रास्ते पर चलकर समाजवादी आंदोलन को और मजबूत करेंगे।
