हापुड़ : शुक्रवार सुबह एक ऐसी खबर सामने आई जिसने कुछ देर के लिए रेलवे विभाग में हड़कंप मचा दिया। हापुड़ रेलवे स्टेशन के यार्ड में रेल पटरियों को दुरुस्त करने के लिए जा रहा एक ट्रेन इंजन अचानक पटरी से उतर गया। बताया जा रहा है कि यह इंजन मेरठ-खुर्जा रेलवे लाइन की ओर स्लीपर लेकर जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया।
घटना सुबह करीब 7 बजे की बताई जा रही है। जैसे ही इंजन का एक पहिया पटरी से नीचे उतरा, मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी गई। स्टेशन अधीक्षक अजब सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ इंजीनियरों और रेलवे कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और इंजन को फिर से पटरी पर लाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रेलवे टीम ने इंजन को सुरक्षित रूप से पटरी पर वापस चढ़ा दिया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह राहत की बात रही कि घटना यार्ड क्षेत्र में हुई, जिससे ट्रेनों के नियमित संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। सभी यात्री ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चलती रहीं। अधिकारियों ने बताया कि यह इंजन ट्रैक मेंटेनेंस कार्य के लिए स्लीपर लेकर जा रहा था। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच के आदेश और सुरक्षा समीक्षा
रेलवे प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्राथमिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि इंजन के नीचे की पटरी में हल्की तकनीकी खराबी या स्लीपर की गलत एलाइनमेंट के कारण यह बेपटरी की स्थिति उत्पन्न हुई। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग अब पूरे यार्ड की ट्रैक लाइन का निरीक्षण कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
स्थानीय कर्मचारियों की तत्परता से बची बड़ी दुर्घटना
रेलवे कर्मियों की समय पर सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की वजह से कोई बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत इंजन चालक को सतर्क किया और इंजन को आगे बढ़ने से रोक दिया। यदि इंजन गति में होता या मुख्य लाइन पर यह घटना होती, तो नुकसान कहीं अधिक हो सकता था।
वहीं, सोशल मीडिया पर भी हापुड़ यार्ड की इस घटना की चर्चा हो रही है। कई यात्रियों ने राहत की सांस ली कि हादसा सिर्फ यार्ड तक सीमित रहा और किसी की जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। रेलवे प्रशासन ने कहा है कि ट्रेनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल इंजन और ट्रैक दोनों की तकनीकी जांच जारी है।
