उन्नाव-कानपुर दौरे पर सपा प्रमुख का बीजेपी पर तीखा हमला, शंकराचार्य सम्मान से लेकर वोटर लिस्ट तक उठाए सवाल
उन्नाव/कानपुर/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को उन्नाव और कानपुर दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने शंकराचार्य प्रकरण, वोटर लिस्ट, स्लॉटर हाउस, ओबीसी-एससी/एसटी प्रतिनिधित्व और औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर बयान दिए। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य जी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी को गंगा स्नान से रोका गया, उनके रथ को पुलिस ने रोका और बाद में उन पर मुकदमा दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी पूजनीय हैं और उनके सम्मान की रक्षा की जानी चाहिए।
वोटर लिस्ट में “घोटाले” का आरोप
उन्होंने पंचायती राज विभाग और चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं और नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे व्यापक स्तर पर भ्रम और असंतोष पैदा हुआ है।
कानपुर को फिर इंडस्ट्रियल टाउन बनाने का वादा
कानपुर में उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर कानपुर को फिर से औद्योगिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। गंगा सफाई, सस्ती बिजली, उद्योगों को बढ़ावा और रोजगार सृजन पर जोर दिया जाएगा।
स्लॉटर हाउस और उद्योग पर बयान
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश में स्लॉटर हाउस को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए। इसके साथ ही कहा कि समाजवादी सरकार ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और कन्नौज में काऊ मिल्क प्लांट लगाने का काम किया था,जिसे बाद में बंद कर दिया गया।
PDA और सामाजिक न्याय का मुद्दा
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में PDA (पिछड़ा, दलित,अल्पसंख्यक) वर्ग के लोग सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए साथ आएंगे। यदि भाजपा सरकार में शामिल ओबीसी, एससी-एसटी मंत्रियों को भेदभाव महसूस होता है, तो वे सरकार छोड़ दें। बसपा विधायक उमा शंकर सिंह के यहां पड़े आयकर छापे पर उन्होंने सवाल उठाए। भाजपा पर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आरोप लगाया। सेना, किसानों और अन्य वर्गों के “अपमान” का मुद्दा उठाया।
“नोटबंदी के बाद अब वोटबंदी?”
उन्होंने मतदाताओं को बड़े पैमाने पर भेजे जा रहे नोटिस को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे “नोटबंदी के बाद वोटबंदी अभियान” करार देते हुए कहा कि सरकार की नीयत पहले भी खराब थी और अब भी है।एसपी चीफ ने आरोप लगाया कि पहले मुसलमानों को कागज़ों के नाम पर परेशान किया जाता था,अब हिंदुओं को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वोट के आधार पर नागरिकता तय की जाएगी और लोगों को उनकी जमीन-जायदाद से बेदखल किया जाएगा? उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम, उम्र और विवरण ठीक कराने के लिए जिन दस्तावेज़ों की मांग की जा रही है, वे पहले भी जमा कराए गए थे।
मुस्लिमों के बाद हिंदुओं के वोट काटे जाने लगे
ऐसे में गलती की जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने इसे पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के वोट काटने की साजिश बताया। सपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं और बीएलओ से अपील की कि एक भी सही वोट न कटे और एक भी गलत वोट न जुड़े। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
